लखनऊ, 18 मार्च 2026:
यूपी के बागपत जनपद में इस बार नवरात्र के पहले दिन बेटियों के सम्मान और सशक्तीकरण का अनूठा संदेश दिया जाएगा। छह बार की बॉक्सिंग विश्व चैंपियन मैरी कॉम गुरुवार को ‘नन्ही कली’ कार्यक्रम में शामिल होकर बेटियों को सम्मानित करेंगी। इस पहल का केंद्र ग्रामीण महिलाओं द्वारा रिसाइकिल प्लास्टिक से तैयार की गई ‘नन्ही कली’ गुड़िया है। यह पर्यावरण संरक्षण, महिला आत्मनिर्भरता और बेटियों के सम्मान का प्रतीक बन रही है।
नवरात्र को नारी शक्ति के प्रतीक पर्व के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में ‘नन्ही कली’ पहल बेटियों के सम्मान और सशक्तीकरण को नई पहचान देने का काम कर रही है। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में चल रहे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘मिशन शक्ति’ जैसे अभियानों को भी मजबूती देगा।

बागपत की डीएम अस्मिता लाल ने बताया कि ‘नन्ही कली’ गुड़िया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें रुई या स्पंज की जगह बेकार प्लास्टिक बोतलों से तैयार किए गए बारीक फाइबर का उपयोग किया गया है। इससे प्लास्टिक कचरे की समस्या को कम करने के साथ ‘कचरे से कंचन’ की सोच को भी बढ़ावा मिल रहा है।
यह गुड़िया गांव की महिलाओं द्वारा कपड़ों के टुकड़ों और अन्य पुनर्चक्रित सामग्री से तैयार की जा रही है। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। साथ ही यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ को भी मजबूत कर रही है। कार्यक्रम में मैरी कॉम की मौजूदगी युवाओं और खासकर बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा साबित होगी।
वह बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित करेंगी। डीएम अस्मिता लाल के ‘जीरो वेस्ट’ विजन के तहत शुरू हुई यह पहल अब बागपत को नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ‘नन्ही कली’ अब सिर्फ एक गुड़िया नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण, संस्कृति और महिला सशक्तीकरण का सशक्त प्रतीक बन चुकी है।






