वाराणसी, 20 मार्च 2026:
दालमंडी में इस बार ईद का बाजार पहले जैसा नहीं दिखा। जहां हर साल इस मौके पर भीड़ उमड़ती थी, वहीं अब मलबे और अनिश्चितता के बीच कारोबार ठहर सा गया है। गलियों में दुकानें खुली हैं, लेकिन खरीददार कम नजर आ रहे हैं। उधर प्रशासन ने पर्व के बाद ध्वस्तीकरण का ऐलान भी कर रखा है। इससे बाहर से भी भी व्यापारी नहीं आये हैं।
पूर्वांचल के बड़े थोक बाजारों में गिनी जाने वाली दालमंडी में आम दिनों में अच्छा कारोबार होता है। ईद और होली पर तो यहां खास रौनक रहती है, लेकिन इस बार हालात उलट हैं। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बीच बाजार की चहल-पहल फीकी पड़ गई है।
दुकानदारों का कहना है कि इस बार कारोबार काफी घट गया। कई जगहों पर बिक्री 20 से 25 फीसदी तक ही सिमट गई। बाहर से आने वाले व्यापारी नहीं पहुंचे, जिससे थोक बाजार पर सीधा असर पड़ा। डर और अफवाहों के चलते लोगों ने खरीदारी से दूरी बना ली।

कई कारोबारियों ने नया माल मंगाने से भी परहेज किया। उनका कहना है कि जब पुराना सामान ही नहीं बिक पाया तो नया माल लाने का जोखिम कैसे लेते। हालत ऐसी है कि कुछ लोग अपने घर के लिए भी ईद की तैयारी नहीं कर पाए। माहौल में मायूसी साफ नजर आती है। बाजार में भीड़ तो है, लेकिन त्योहार वाली रौनक नहीं है। दुकानदारों के चेहरे उतरे हुए हैं और आगे क्या होगा, इसे लेकर असमंजस बना हुआ है।
दरअसल, इस इलाके में पिछले कुछ महीनों से सड़क चौड़ीकरण के तहत तोड़फोड़ चल रही है। पक्के महाल की संकरी गलियों को चौड़ा करने के लिए कई भवन चिह्नित किए गए हैं। इसी वजह से यहां का व्यापार प्रभावित हुआ है। योजना के तहत नई सड़क से चौक थाना तक करीब 650 मीटर हिस्से को चौड़ा किया जाना है। सड़क को करीब 60 फुट तक फैलाने का प्लान है, जिसमें सड़क और दोनों तरफ पटरी बनाई जाएगी। इसके साथ ही बिजली, पानी और सीवर की लाइनें भी दुरुस्त की जाएंगी।
अधिकारियों के मुताबिक ईद के बाद ध्वस्तीकरण का काम फिर शुरू होगा। अभी मलबा हटाने और रजिस्ट्री की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच बाजार से जुड़े लोग अपने कारोबार और भविष्य को लेकर चिंता में हैं।
