Uttar Pradesh

यूपी : नंदिनी कृषक समृद्धि योजना से डेयरी सेक्टर को नई रफ्तार…जिलों में तेजी से लग रहीं यूनिट्स

बैंक ऋण और अनुदान की प्रक्रिया तेज होने का दिखा असर, तीन साल में 204 डेयरी यूनिट लगाने का लक्ष्य, किसानों की आमदनी बढ़ाने पर जोर

लखनऊ, 21 मार्च 2026:

उत्तर प्रदेश में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए शुरू की गई नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना अब जमीन पर असर दिखाने लगी है। योजना का मकसद किसानों की आमदनी बढ़ाना और गांव की अर्थव्यवस्था को सहारा देना है। सरकार ने तीन साल में 204 डेयरी इकाइयां खड़ी करने का लक्ष्य तय किया है और इसके लिए बैंक ऋण व अनुदान की प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा रही है।

पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के मुताबिक अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि सभी मामलों का जल्द निपटारा हो और अनुदान समय पर पहुंचे, ताकि योजना का फायदा सीधे किसानों तक पहुंच सके। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10 मंडल मुख्यालय जिलों में 50 इकाइयों का लक्ष्य रखा गया था। इसमें ज्यादातर मामलों में बैंक ऋण मंजूरी पूरी हो चुकी है, सिर्फ मेरठ और लखनऊ के दो मामले बाकी हैं। पहली किश्त के 12 और दूसरी किश्त के 35 मामलों में अनुदान देने की प्रक्रिया चल रही है। इन जिलों में लखनऊ, कानपुर नगर, गोरखपुर, प्रयागराज, अयोध्या, बरेली, आगरा, झांसी और वाराणसी शामिल हैं।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना को आगे बढ़ाते हुए 8 मंडल मुख्यालय जिलों में 40 इकाइयों का लक्ष्य रखा गया है। मिर्जापुर, बस्ती, आजमगढ़, गोंडा, बांदा, सहारनपुर और अलीगढ़ जैसे जिलों में 18 मामलों में बैंक ऋण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। वहीं 32 लाभार्थियों को पहली किश्त का अनुदान जल्द जारी किया जाएगा।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए योजना का दायरा और बढ़ाया गया है। इस साल 57 जिलों में 114 इकाइयां लगाने का लक्ष्य तय हुआ है, यानी हर जिले में दो यूनिट। जौनपुर, ललितपुर, जालौन, सम्भल, देवरिया और रामपुर जैसे जिलों में बैंक ऋण मंजूरी पूरी हो चुकी है। सभी 57 जिलों में 114 लाभार्थियों को पहली किश्त देने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

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