हरेंद्र धर दुबे
गोरखपुर, 21 मार्च 2026:
गोरखपुर के चिलुआताल इलाके में भाजपा नेता राजकुमार चौहान की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस हत्याकांड में साजिश रचने वाले एक बाल अपचारी समेत छह और आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि मृतक के परिजन अभी भी पुलिस के खुलासे पर भरोसा नहीं कर रहे है। वह लगातार मुख्य हत्यारोपी जिसका नाम धर्मदेव चौहान बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान बरगदवा निवासी दीपक गौड़, लालजी यादव उर्फ गट्टू, शेषनाथ यादव, अंकित यादव, देवव्रत यादव और एक बाल अपचारी के रूप में हुई है। बाल अपचारी ने हत्या के बाद खून से सनी जैकेट जला दी थी। इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी राज चौहान उर्फ निरहुआ और उसके साथी विपिन यादव को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में सामने आया कि बाकी आरोपियों ने मिलकर राज को हत्या के लिए उकसाया था। पूरी घटना की जड़ एक पुराना विवाद निकला। 21 फरवरी को मृतक के भतीजे नीरज चौहान ने राज के भाई के साथ मारपीट की थी। शिकायत लेकर गई राज की मां को भी अपमानित कर भगा दिया गया था। इसी के बाद से राज बदला लेने की फिराक में था।
हालांकि आरोपियों ने उसे समझाया कि नीरज को मारने पर राजकुमार बचने नहीं देगा, इसलिए पहले राजकुमार को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। प्लान था कि उसके बाद नीरज को भी मार दिया जाएगा। पुलिस के मुताबिक इस हत्या की तैयारी करीब एक साल से चल रही थी। आरोपियों ने पहले ही हथियार खरीद लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। भाई के साथ हुई मारपीट के बाद उसने फैसला कर लिया।
14 मार्च को आरोपियों ने घटना स्थल की रेकी की थी, लेकिन उस दिन राजकुमार बाहर नहीं निकला। इसके बाद लगातार निगरानी रखी गई। 17 मार्च की सुबह जैसे ही वह टहलने निकला, आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। चाकू से कई वार कर उसकी हत्या कर दी गई। एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि कॉल डिटेल के जरिए आरोपियों के बीच बातचीत के पुख्ता सबूत मिले हैं। गीडा और कैंपियरगंज सर्किल की पुलिस टीमों ने कड़ी मेहनत से पूरी कड़ी जोड़ी।
घटना के करीब 12 घंटे के भीतर ही पुलिस ने मुख्य आरोपी राज और विपिन को पकड़ लिया था। पूछताछ में हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया। बताया गया कि मुर्गा काटने वाले चाकू से वार किए गए थे और दहशत फैलाने के लिए तमंचे से फायरिंग भी की गई थी। वारदात के बाद आरोपियों ने खून से सने कपड़े बांध के पास जलाए और तमंचा एक परिचित के यहां छिपा दिया। जिस व्यक्ति के पास हथियार रखा गया था, वह फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है।






