Uttar Pradesh

अभ्युदय योजना बनी बेटियों के सपनों की उड़ान : सीमित संसाधनों से UPSC में रचा सफलता का इतिहास

प्रदेश की तीन बेटियों ने लहराया परचम, गाजियाबाद की मानसी, झांसी की अदिति सिंह और आगरा की तनीषा सिंह ने परिवार का नाम किया रोशन, अब तक ढाई सौ से अधिक ने पाई सफलता

लखनऊ, 22 मार्च 2026:

यूपी की बेटियां अब सपने देखने कुछ साथ उन्हें साकार कर नई मिसाल कायम कर रही हैं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उनके लिए वह मजबूत मंच बनकर उभरी है। इसने कठिन मानी जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा में भी सफलता के रास्ते खोल दिए हैं। संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा 2025 में इस योजना का लाभ उठाकर प्रदेश की तीन बेटियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

इस योजना के माध्यम से अब तक ढाई सौ से अधिक बेटियां सफलता प्राप्त कर अधिकारी बन चुकी हैं। यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। वर्ष 2021 में शुरू हुई मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों को जोड़कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक सशक्त और सुलभ प्लेटफॉर्म प्रदान किया है। खास बात यह है कि इस योजना के जरिए बेटियां बिना महंगे कोचिंग संस्थानों के भी बड़े मुकाम हासिल कर रही हैं।

गाजियाबाद के प्रताप विहार की रहने वाली मानसी ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 444वीं रैंक हासिल की। सीमित संसाधनों और प्राइवेट नौकरी करने वाले पिता के बावजूद उन्होंने घर पर रहकर अभ्युदय योजना के मार्गदर्शन से सफलता प्राप्त की। वहीं झांसी की अदिति सिंह ने 859वीं रैंक हासिल की। इंजीनियर पिता और शिक्षिका मां की बेटी अदिति ने सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन माध्यम से तैयारी की, साथ ही वह योजना के तहत अन्य छात्रों को पढ़ाकर उनकी मदद भी करती रहीं।

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आगरा की तनीषा सिंह ने 930वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार का नाम रोशन किया। रेवेन्यू इंस्पेक्टर पिता और गृहिणी मां की बेटी तनीषा ने भी घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई की और योजना का लाभ उठाया। इसी तरह लखनऊ की कीर्तिका सिंह ने वर्ष 2022 में यूपीपीएससी परीक्षा में 58वीं रैंक हासिल कर डिप्टी एसपी पद प्राप्त किया। किसान परिवार से आने वाली कीर्तिका वर्तमान में एटा में तैनात हैं।

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने शिक्षा को सुलभ बनाने के साथ बेटियों में आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। ‘नारी तू नारायणी’ की भावना को साकार करती ये बेटियां आज समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं। यह सफलताएं साबित करती हैं कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर उत्तर प्रदेश की बेटियां किसी भी क्षेत्र में नेतृत्व करने में सक्षम हैं।

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