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सुरक्षा का नया UP मॉडल : 9 साल में मिशन शक्ति से बदली तस्वीर, महिला सुरक्षा में देश में नंबर-1 बना प्रदेश

मिशन शक्ति, एंटी रोमियो स्क्वॉड और तकनीकी एकीकरण से मजबूत हुआ सुरक्षा तंत्र, महिला अपराधों में गिरावट, 98.90% निस्तारण दर के साथ यूपी देश में अव्वल, सख्ती और संवेदनशीलता के संतुलन से महिलाओं में बढ़ा भरोसा और सुरक्षा का एहसास

लखनऊ, 23 मार्च 2026:

यूपी में बीते नौ वर्षों के दौरान महिला सुरक्षा को लेकर विकसित समेकित और बहुआयामी मॉडल ने कानून-व्यवस्था की तस्वीर बदलने के साथ महिलाओं में सुरक्षा और भरोसे की नई भावना भी जगाई है। मिशन शक्ति, एंटी रोमियो स्क्वॉड, आधुनिक तकनीक और मजबूत पुलिस ढांचे के तालमेल से प्रदेश आज महिला सुरक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।

प्रदेश में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मिशन शक्ति के तहत हर थाने में विशेष केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के प्रभावी संचालन के लिए करीब 40 हजार पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसका सीधा असर अपराध नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित सहायता देने में देखने को मिला है। वहीं एंटी रोमियो स्क्वॉड ने जमीनी स्तर पर बड़ी भूमिका निभाई है। अब तक 5 करोड़ से अधिक लोगों की जांच, 1.85 करोड़ को चेतावनी और 38,835 के खिलाफ कानूनी कार्रवाई इस अभियान की सख्ती को दर्शाती है।

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महिलाओं की सुरक्षा के लिए त्वरित सहायता प्रणाली को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 1090 वूमेन पावर लाइन, महिला हेल्पलाइन 181, जीआरपी और फायर सर्विस जैसी सेवाओं का एकीकरण किया गया है। इसके साथ ही आईटीएसएसओ पोर्टल के माध्यम से यौन अपराधों की जांच को तकनीक से जोड़ा गया। इससे पारदर्शिता और तेजी दोनों सुनिश्चित हुई हैं।

इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम भी सामने आया है। मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना के बाद सितंबर 2025 से दिसंबर 2025 के बीच अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इस अवधि में बलात्कार की घटनाओं में 33.92 प्रतिशत और दहेज हत्या में 12.96 प्रतिशत की कमी आई है।

अपराध नियंत्रण के साथ ही मामलों के त्वरित निस्तारण में भी उत्तर प्रदेश ने नया रिकॉर्ड बनाया है। महिला संबंधी मामलों में 98.90 प्रतिशत निस्तारण दर के साथ प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। प्रभावी पैरवी के चलते 32,575 मामलों में दोषियों को सजा दिलाई गई। इनमें 14,111 पॉक्सो और 4,564 बलात्कार के मामले शामिल हैं।

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महिला सुरक्षा को संस्थागत मजबूती देने के लिए पुलिस ढांचे का भी व्यापक विस्तार किया गया है। प्रदेश में 19,839 महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की गई। 9,172 महिला बीटों का गठन हुआ है। 3 महिला पीएसी बटालियन सक्रिय और 5 नई बटालियन प्रस्तावित हैं।इसके अलावा 134 नए थाने, 86 पुलिस चौकियां और 78 महिला पुलिस चौकी परामर्श केंद्र स्थापित किए गए हैं।

योगी सरकार का यह मॉडल सख्ती और संवेदनशीलता के संतुलन का उदाहरण बनकर सामने आया है। जहां एक ओर अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है वहीं दूसरी ओर महिलाओं को त्वरित सहायता, न्याय और सुरक्षा का भरोसा भी दिया जा रहा है। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश महिला सुरक्षा के क्षेत्र में एक प्रभावी और भरोसेमंद मॉडल के रूप में स्थापित हो चुका है।

 

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