लखनऊ, 24 मार्च 2026:
यूपी को आधुनिक और विश्वस्तरीय शहरी परिवहन व्यवस्था में अग्रणी बनाने की दिशा में सीएम योगी ने मेट्रो परियोजनाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मेट्रो परियोजनाएं तय समयसीमा में उच्च गुणवत्ता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो केवल यातायात का साधन नहीं बल्कि शहरी अर्थव्यवस्था को गति देने और निवेश आकर्षित करने का प्रभावी माध्यम है। ऐसे में निर्माण से लेकर संचालन तक हर स्तर पर दक्षता और समन्वय जरूरी है। उन्होंने मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और संबंधित विभागों के बीच नियमित बैठकों के जरिए बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जानकारी के अनुसार लखनऊ मेट्रो का करीब 23 किलोमीटर कॉरिडोर पूरी तरह संचालित है। चारबाग से वसंत कुंज (कॉरिडोर-1बी) के 11.16 किलोमीटर विस्तार को वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह विस्तार पुराने शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों को आधुनिक कनेक्टिविटी देगा।
कानपुर मेट्रो के 32.4 किलोमीटर लंबे दोनों कॉरिडोर पर तेजी से काम जारी है। इसमें करीब 15 किलोमीटर हिस्से पर संचालन शुरू हो चुका है। शेष कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने की योजना है। आगरा मेट्रो परियोजना में 29.4 किलोमीटर के कॉरिडोर में से 6.5 किलोमीटर प्राथमिक सेक्शन पर सेवाएं चालू हैं। कॉरिडोर-1 जून 2026 और कॉरिडोर-2 वर्ष 2027 तक चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मेट्रो परियोजनाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेशनों पर मल्टीलेवल पार्किंग, रिटेल, फूड कोर्ट और ऑफिस स्पेस जैसी व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही विज्ञापन, डिजिटल ब्रांडिंग और मेट्रो परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग से आय के नए स्रोत विकसित किए जाएं।
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) मॉडल के जरिए भूमि मूल्य संवर्धन और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया जिससे मेट्रो परियोजनाएं दीर्घकाल में आत्मनिर्भर बन सकें। यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के निर्देश दिए। मेट्रो स्टेशनों को सिटी बस, ई-रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित सेवाओं से जोड़ने के साथ अतिरिक्त पार्किंग और फीडर रूट विकसित करने पर तेजी से काम करने को कहा गया।
बैठक में यह भी बताया गया कि मेट्रो सेवाओं का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। तीनों शहरों में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री इसका लाभ उठा रहे हैं। इससे सड़कों पर यातायात का दबाव कम हुआ है। समय की बचत हो रही है। वर्ष 2024-25 में मेट्रो परियोजनाओं से करीब 222 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई जिसमें नॉन-फेयर बॉक्स आय का अहम योगदान रहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें। तकनीकी गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और जरूरत पड़ने पर नई तकनीकों का उपयोग कर कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने दोहराया कि आमजन को सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।






