Uttar Pradesh

UP में स्वास्थ्य क्रांति के 9 साल: डिजिटल से डायलिसिस तक, हर मोर्चे पर बना ‘मॉडल स्टेट’

ई-हेल्थ रिकॉर्ड, आयुष्मान कवरेज, 108 एम्बुलेंस और मुफ्त इलाज योजनाओं ने बदली तस्वीर, करोड़ों लोगों को मिला सीधा लाभ, सभी जिलों में मिल रही डायलिसिस की मुफ्त सुविधा

लखनऊ, 24 मार्च 2026:

यूपी में नौ वर्षों के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में व्यापक और संरचनात्मक बदलाव देखने को मिला है। योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के साथ डिजिटल हेल्थ, आपात सेवाओं, मातृ-शिशु देखभाल और सस्ती चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। यही वजह है कि आज यूपी कई स्वास्थ्य मानकों पर देश में अग्रणी राज्यों में शुमार हो गया है।

डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। अब तक 5.76 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं। माइक्रोसाइट प्रोजेक्ट के तहत 35 केंद्रों पर 4.4 लाख से अधिक रिकॉर्ड पंजीकृत किए गए हैं। वहीं, यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस पोर्टल के जरिए रोगों की निगरानी और रोकथाम को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। अस्पतालों में चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ‘केयर मॉडल’ लागू किया गया है।

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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सरकार ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं। गर्भवती महिलाओं को निशुल्क अल्ट्रासाउंड के लिए ई-वाउचर सुविधा दी जा रही है। जननी सुरक्षा योजना के तहत 13.51 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिला है। बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 8.79 लाख बच्चों का उपचार किया गया है। दस्तक अभियान के माध्यम से एईएस और जेई जैसी गंभीर बीमारियों पर भी प्रभावी नियंत्रण पाया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में 22,681 आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित हैं। आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट के तहत 13.18 करोड़ से अधिक लोगों का पंजीकरण किया जा चुका है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत 5.59 करोड़ लाभार्थियों को स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि 9 करोड़ से अधिक लोगों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सुरक्षा कवच मिला है।

आपातकालीन सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 108 एम्बुलेंस सेवा के जरिए 4 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिला है। एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाकर 375 कर दी गई है। साथ ही, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से 1.80 करोड़ से अधिक मरीजों का उपचार किया गया है।

स्वास्थ्य अवसंरचना के क्षेत्र में प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। 873 जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 75 जिलों में निशुल्क डायलिसिस और सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। टेलीमेडिसिन सेवाओं से दूरदराज क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की पहुंच सुनिश्चित हुई है। प्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक समग्र और समावेशी मॉडल विकसित किया है। यह बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ आम नागरिकों को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध कराता है।

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