लखनऊ, 25 मार्च 2026:
यूपी के शाहजहांपुर में काकोरी ट्रेन एक्शन के अमर बलिदानियों की प्रतिमाओं को बुलडोजर से गिराए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। घटना के बाद शहर में आक्रोश फैल गया और कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए। मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, संबंधित अधिकारियों को निलंबित करने और प्रतिमाओं को सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि शहीदों का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए संबंधित कार्यदायी कंपनी ‘फ्लाई इंफ्राटेक’ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उसे तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर काम से हटा दिया गया है।
इसके साथ ही जिन अधिकारियों की निगरानी में यह कार्य हो रहा था उनके खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार टाउनहाल क्षेत्र में नगर निगम द्वारा सुंदरीकरण और सड़क चौड़ीकरण का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान काकोरी कांड के नायक पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह और प्रेम किशन खन्ना की प्रतिमाओं को हटाया जाना था।
इस पर कर्मचारियों ने तय प्रक्रिया का पालन न करते हुए बुलडोजर से प्रतिमाओं को गिरा दिया जिससे वे क्षतिग्रस्त हो गईं और मलबे में पड़ी रहीं। इस घटना से लोगों में भारी नाराजगी है। वहीं, विपक्ष ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इसे शहीदों का अपमान बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है।






