लखनऊ, 19 अप्रैल 2026:
यूपी के फतेहपुर जनपद में एक साधारण चाय की दुकान अब सियासी तूफान का केंद्र बन गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव को चाय पिलाने के बाद दुकान संचालक और उनके परिवार पर कथित तौर पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। छापेमारी, मारपीट और धमकियों के आरोपों ने इस मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है।
कथित तौर पर परेशान किए जा रहे चाय दुकान संचालक शेषमन यादव के पुत्र आर्यन को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ में पार्टी दफ्तर बुलाया। उससे मिले और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि एक मुस्लिम नेता को आगे कर मारपीट कराई गई ताकि केस बनाया जा सके। खाद्य विभाग के जरिए छापेमारी कर दुकानदार को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर एल्युमिनियम के बर्तन में चाय बनाना अपराध है तो मेरे घर में भी ऐसे बर्तन हैं। मेरा घर भी सील कर दें।

दरअसल, 16 अप्रैल को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शेषमन की दुकान पर छापा मारकर चाय के नमूने जांच के लिए भेजे थे। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई आईजीआरएस पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में मानकों के उल्लंघन की बात कही गई थी। हालांकि दुकानदार का आरोप है कि यह सब उन्हें टारगेट करने के लिए किया जा रहा है।
दुकान संचालक का कहना है कि गत 20 फरवरी को अखिलेश यादव के उनकी दुकान पर आने और चाय पीने के बाद से ही उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उनके बेटे आर्यन यादव ने कुल्हड़ में चाय बनाकर अखिलेश को पिलाई थी, जिसकी तारीफ खुद सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया पर की थी। इसके बाद दुकान इलाके में चर्चित हो गई।
अब हालात ऐसे हैं कि अल्लीपुर बहेरा स्थित इस चर्चित दुकान पर मारपीट और लूटपाट की घटना के बाद परिवार ने दुकान बंद कर दी है। दुकानदार का आरोप है कि एल्युमिनियम के बर्तनों को लेकर धमकाया जा रहा है। दुकान सील करने की बात कही जा रही है। इस पूरे मामले ने प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक चाय की प्याली अब सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव की वजह बन गई है।






