कुशीनगर, 2 जून 2026:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कुशीनगर के तमकुहीराज क्षेत्र के हरिहरपुर में आयोजित कार्यक्रम में 424 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 278 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र और चेक भी वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला और कहा कि आज का उत्तर प्रदेश नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कम उम्र के लोगों को शायद उस दौर की जानकारी नहीं होगी, जब प्रदेश और कुशीनगर भ्रष्टाचार, अराजकता और अव्यवस्थाओं से जूझ रहे थे। किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता था और गन्ना पर्ची के लिए भी भटकना पड़ता था। आज अकेले कुशीनगर जिले में 90 हजार गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि करीब 3 लाख 14 हजार शौचालयों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि पहले गरीब, वंचित और मुसहर समाज के लोग उपेक्षा का शिकार थे। भूख से होने वाली मौतें पिछली सरकारों के पापों का परिणाम थीं। उस समय आम जनता माफियाओं से परेशान थी और प्रदेश के बाहर उत्तर प्रदेश की पहचान संकट में थी।
उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार बिना रुके और बिना डिगे विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। गरीबों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है और हर वर्ग तक सुविधाएं पहुंच रही हैं। कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी बड़ी सुविधाएं स्थापित हुई हैं, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिली है। इसी सत्र से यहां कृषि विश्वविद्यालय भी शुरू होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह माफिया समाप्त हुए हैं, उसी तरह इंसेफेलाइटिस भी खत्म हो गई। अब प्रदेश को मच्छर और माफिया दोनों से मुक्ति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि आज होने वाली भर्तियों में कुशीनगर के युवाओं को भी अवसर मिल रहे हैं, जबकि पहले यह स्थिति नहीं थी।
तमकुहीराज का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र के नाम को लेकर मजाक बनाया जाता था, लेकिन आज यहां की जनता की मांगों पर धरातल पर काम हो रहा है। पिछली सरकारों के पाप से मुशहर भूख से मर जाते थे और यहां जनप्रतिनिधि मसखरी करते रहते थे। उन्होंने घोषणा की कि फाजिलनगर का नाम बाबागढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपने पूर्वजों और विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त करना सनातन परंपरा की पहचान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह फिलहाल दो विधानसभा क्षेत्रों की परियोजनाओं के लिए आए हैं, लेकिन जिले के अन्य क्षेत्रों के विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि विकास की हर उचित मांग को पूरा करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेगी।
राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण को डबल इंजन सरकार ने गति दी। वर्षों तक चले आंदोलन और जनभावनाओं को सम्मान देते हुए रामलला को उनके भव्य मंदिर में विराजमान कराया गया। उन्होंने कहा कि जब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई तो देशभर के लोगों की आंखों में खुशी के आंसू थे।
महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भूमि जीवन के सत्य और मानवता के संदेश की प्रतीक है। यहां का जनादेश केवल जिले तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी ताकत लखनऊ, दिल्ली और अयोध्या तक दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। पाकिस्तान को कंपा देने वाली मिसाइलों का निर्माण प्रदेश में हो रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीति सत्ता का नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है। पहले की सरकारों में कट्टा और बम बनाने की चर्चा होती थी, जबकि आज विकास और निवेश की बात होती है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से विकास संबंधी प्रस्ताव भेजने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। सही और जनहितकारी प्रस्ताव आएंगे तो सरकार विकास कार्यों के लिए खजाने का मुंह खोलने में पीछे नहीं हटेगी।






