Uttar Pradesh

BIDA को मिली नई उड़ान, बुंदेलखंड में बसने जा रही देश की सबसे बड़ी ग्रीन इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी

253.33 वर्ग किलोमीटर में विकसित होगी बीडा मास्टर प्लान-2045 परियोजना, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी और डेटा सेंटर उद्योगों का बनेगा बड़ा केंद्र, 63 वर्ग किलोमीटर हरित क्षेत्र भी रहेगा सुरक्षित

लखनऊ/झांसी, 2 जून 2026:

यूपी के बुंदेलखंड के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली बीडा (बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल सिटी परियोजना को बड़ा प्रोत्साहन मिला है। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बीडा मास्टर प्लान-2045 को पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसे बुंदेलखंड के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह क्षेत्र को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगी।

यह महापरियोजना झांसी तहसील के 33 ग्रामीण क्षेत्रों को समेटते हुए 253.33 वर्ग किलोमीटर (62,599.20 एकड़) क्षेत्रफल में विकसित की जाएगी। परियोजना को पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना-2006 के तहत वर्गीकृत किया गया था। इसके लिए निर्धारित सभी पर्यावरणीय एवं तकनीकी मानकों का पालन करते हुए स्वीकृति प्रक्रिया पूरी की गई।

परियोजना की समीक्षा का सिलसिला वर्ष 2025 में शुरू हुआ था। विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने 30 जून 2025 को इसकी प्रारंभिक रूपरेखा का परीक्षण किया। इसके बाद 20 जुलाई 2025 को पहली मंजूरी प्रदान की गई। स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 22 दिसंबर 2025 को झांसी में जनसुनवाई आयोजित की गई जिसमें लोगों ने परियोजना का व्यापक समर्थन किया। इसके बाद गत मार्च और अप्रैल में विभिन्न पर्यावरणीय एवं तकनीकी पहलुओं की गहन समीक्षा की गई। सभी मानकों को संतोषजनक पाए जाने पर अंतिम स्वीकृति की सिफारिश की गई।

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संशोधित मास्टर प्लान के अनुसार 83.66 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र औद्योगिक विकास के लिए आरक्षित किया गया है। इसमें कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योगों की स्थापना होगी। इसके अलावा 37.40 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र नए आवासीय विकास के लिए तथा 5.40 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र मौजूदा ग्रामीण आबादी के लिए निर्धारित किया गया है।

परियोजना की विशेषता इसका पर्यावरणीय संतुलन भी है। कुल 63.13 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को ग्रीन जोन के रूप में संरक्षित रखा जाएगा। परियोजना सीमा पर 50 मीटर चौड़ी तथा डोंगरी बांध के चारों ओर 150 मीटर चौड़ी हरित पट्टी विकसित की जाएगी। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी किया जाएगा।

बीडा के सीईओ संजय कुमार खत्री ने कहा कि पर्यावरणीय स्वीकृति बुंदेलखंड के विकास में नए युग की शुरुआत है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप बीडा को देश की सबसे आधुनिक, सतत और पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। यह परियोजना बड़े निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ बुंदेलखंड को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प का प्रमुख केंद्र भी बनाएगी।

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