नोएडा/लखनऊ, 28 मार्च 2026:
यूपी के बहुप्रतीक्षित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का लोकार्पण आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रदेश की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास का नया इंजन माना जा रहा है। इस समारोह और प्रस्तावित जनसभा को लेकर गौतमबुद्धनगर (नोयडा) पुलिस कमिश्नरेट ने अभूतपूर्व और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।
प्रधानमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए पूरे कार्यक्रम क्षेत्र को पांच स्तरीय सुरक्षा घेरे में बांटा गया है। यह व्यवस्था सीएम योगी के निर्देशों के तहत पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में संचालित की जा रही है। जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा के अनुसार सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।
पूरे क्षेत्र में 100 से अधिक एंट्री प्वाइंट बनाए गए हैं। उन पर सघन चेकिंग, बैगेज स्क्रीनिंग और पहचान सत्यापन किया जा रहा है। इन प्रवेश द्वारों पर 200 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। महिलाओं के लिए अलग चेकिंग एन्क्लोजर भी बनाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए यूपी पुलिस के करीब 5000 अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पीएसी, आरएएफ, एटीएस और सीआईएसएफ की संयुक्त तैनाती की गई है।

कार्यक्रम स्थल पर एंटी-सैबोटाज जांच, बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस), एंटी-माइन चेकिंग और स्निफर डॉग्स की तैनाती की गई है। आसमान से निगरानी के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय हैं। क्विक रिएक्शन टीम्स को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। इसके साथ ही आईबी और स्टेट इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ रियल-टाइम समन्वय स्थापित किया गया है।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए अफवाहों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पूरे परिसर में सीसीटीवी निगरानी के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। आम लोगों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं। आपात स्थितियों से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को अलर्ट पर रखा गया है। फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और विशेष एम्बुलेंस कॉरिडोर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
इसके साथ ही संभावित आपातकालीन स्थिति के लिए एवैक्यूएशन रूट और मॉक ड्रिल पहले ही पूरी की जा चुकी है। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। करीब 15 पार्किंग स्थलों पर 20,000 से अधिक वाहनों की व्यवस्था की गई है। यमुना नदी के आसपास भी विशेष पेट्रोलिंग की जा रही है और पूरे क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है।






