लखनऊ, 5 अप्रैल 2026:
इजराइल में चल रहे तनाव के बीच उत्तर प्रदेश के 6000 से अधिक श्रमिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। सीएम के निर्देश पर प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. शन्मुगा सुंदरम लगातार भारतीय दूतावास से संपर्क में हैं और वहां मौजूद यूपी के श्रमिकों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। दूतावास की जानकारी के अनुसार फिलहाल किसी भी तरह की आपात या खतरनाक स्थिति नहीं है।
किसी श्रमिक ने रखी वापस जाने की मांग
इजराइल में भारत के राजदूत जेपी सिंह के साथ प्रमुख सचिव श्रम डॉ. शन्मुगा सुंदरम नियमित रूप से संवाद कर रहे हैं। मार्च में भेजे गए संदेशों में राजदूत ने बताया कि सभी भारतीय श्रमिक, खासकर यूपी के लोग, सुरक्षित हैं। कुछ चिंता का माहौल होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी श्रमिक ने भारत लौटने का दबाव या विशेष मांग नहीं की है। दूतावास लगातार संपर्क में है और हर जरूरत का ध्यान रख रहा है।
कुछ व्यापारी व छात्र स्वेच्छा से वापस लौटे, सामान्य जीवन जी रहे श्रमिक
कुछ यूपी के श्रमिकों ने हाल ही में भारत से आए पत्रकारों का स्वागत किया, जिससे स्पष्ट हुआ कि स्थिति नियंत्रण में है और लोग सामान्य जीवन जी रहे हैं। दूतावास की प्रथम सचिव डॉ. गरिका तेजेश्वर ने भी पुष्टि की कि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। कुछ व्यापारी और छात्र स्वेच्छा से जॉर्डन के रास्ते लौट चुके हैं, जिसमें दूतावास ने मदद की। यूपी सरकार पूरे मामले पर लगातार नजर रखे हुए है। डॉ. शन्मुगा सुंदरम दूतावास के संपर्क में रहकर हर अपडेट ले रहे हैं। श्रमिकों को संदेश भी दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर घर लौटने की पूरी मदद मिलेगी।
सक्रिय कॉल सेंटर कई भाषाओं में कर रहा मदद
इजराइल की पॉपुलेशन एंड इमिग्रेशन अथॉरिटी द्वारा कॉल सेंटर सक्रिय है, जो विभिन्न भाषाओं में सहायता प्रदान कर रहा है। मिसाइल हमलों के बीच भी यूपी के श्रमिकों की स्थिति सामान्य बनी हुई है। सरकार और दूतावास मिलकर हर परिस्थिति पर नजर रख रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।






