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पोस्टर वार में तेज हुआ सियासी संग्राम, UP में ‘ल्यारी-धुरंधर’ पर सपा का पलटवार

लखनऊ में होर्डिंग्स के जरिए भाजपा और सपा आमने-सामने, सवालों और नारों से गरमाई 2027 की चुनावी जंग

लखनऊ, 9 अप्रैल 2026:

यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। आरोप-प्रत्यारोप की इस जंग में अब पोस्टर और होर्डिंग्स भी बड़ा हथियार बन गए हैं। राजधानी लखनऊ में ‘ल्यारी बनाम धुरंधर’ को लेकर शुरू हुई पोस्टर वार ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।

दरअसल, 7 अप्रैल को ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ नामक संस्था की ओर से लखनऊ समेत कई जिलों में होर्डिंग्स लगाए गए थे। इन होर्डिंग्स में एक तरफ ‘ल्यारी राज’ के साथ समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को फिल्म ‘धुरंधर’ के विलेन ‘रहमान डकैत’ के रूप में दर्शाया गया था।

इसके साथ ही उनके कार्यकाल के दौरान मुजफ्फरनगर और शामली दंगों की खबरों की कटिंग भी लगाई गई थी। दूसरी ओर ‘धुरंधर सीएम’ के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कन्या पूजन करते हुए तस्वीर दिखाई गई। इसके साथ माफिया अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी पर की गई कार्रवाई की कटिंग लगाई गई थी। होर्डिंग में सवाल था कि …आपको क्या चाहिए?

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UP Poster War SP Counters 'Lyari Raj' Dynamics (1)

इन होर्डिंग्स का समाजवादी पार्टी ने तीखा जवाब दिया है। सपा से जुड़े मोहम्मद इखलाक की ओर से लखनऊ की सड़कों पर रात को नए होर्डिंग्स लगाए गए, जिनमें सीधे सरकार पर निशाना साधा गया। इनमें लिखा था कि… ल्यारी का डर दिखाकर यूपी में अपनी नाकामी छिपाओगे कब तक? जनता समझ चुकी है, झूठे पोस्टर से बहलाओगे कब तक?

इसके साथ ही सपा के होर्डिंग्स में नारा दिया गया कि… आपको क्या चाहिए? ये पूछते हो बार-बार, हमें अखिलेश चाहिए। ये कह रही जनता 2027 में इस बार। इस पोस्टर वार के बीच विवाद भी बढ़ा। समाजवादी छात्र सभा से जुड़े छात्रों ने लखनऊ में लगे पुराने होर्डिंग्स को फाड़ दिया और इसे अपने नेता का अपमान बताया। इस मामले में हजरतगंज थाने में तहरीर भी दी गई है।

फिलहाल यूपी की राजनीति में अब पोस्टर और प्रतीकों की लड़ाई भी उतनी ही तीखी हो चुकी है जितनी मंचों की बयानबाजी। आने वाले दिनों में यह सियासी जंग और तेज होने के संकेत दे रही है।

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