गोरखपुर, 9 अप्रैल 2026:
गोरखपुर में सालों से कूड़े के पहाड़ के तौर पर बदनाम एकला बांध अब नई पहचान के साथ सामने आ रहा है। जहां पहले बदबू और गंदगी थी, वहीं अब हरियाली और साफ-सुथरा माहौल नजर आ रहा है। नगर निगम ने यहां जमा पुराने कचरे को हटाकर इस जगह को सिटी फॉरेस्ट और ईको पार्क के रूप में विकसित कर दिया है।
कभी इस स्थान को लेकर पर्यावरण को खतरा माना जा रहा था और एनजीटी ने तीन करोड़ जुर्माने की तैयारी तक कर ली थी। अब वही जगह शहर के नए पिकनिक स्पॉट के तौर पर तैयार की जा रही है। नगर निगम के मुताबिक यहां करीब तीन लाख टन पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया।
कचरा हटने के बाद खाली जमीन पर हरियाली विकसित की गई है। मियावाकी पद्धति से पेड़ लगाए गए हैं, जिससे सिटी फॉरेस्ट तैयार हुआ है। इसके साथ ही लोगों के घूमने के लिए वॉकिंग ट्रैक, फुटपाथ और बैठने की जगह बनाई गई है। योग और ध्यान के लिए अलग स्थान तय किए गए हैं। बच्चों के लिए किड्स जोन भी तैयार किया गया है।
राप्ती नदी के किनारे होने की वजह से यहां से अच्छा नजारा देखने को मिलता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस जगह को रिवर व्यू स्पॉट के तौर पर भी विकसित किया जा रहा है। यहां एक तालाब भी बनाया गया है, जहां पैडल बोट चलाने की सुविधा देने की योजना है।
महापौर मिथिलेश श्रीवास्तव के अनुसार इस पूरे काम पर अब तक करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। एकला बांध की सड़क को भी नए सिरे से तैयार किया गया है, जिससे पहुंच आसान हो गई है। इस परियोजना का मकसद सिर्फ कचरा हटाना नहीं था, बल्कि शहर को एक ऐसी जगह देना था जहां लोग परिवार के साथ वक्त बिता सकें। अब यह इलाका धीरे-धीरे शहर के प्रमुख आकर्षण के रूप में उभर रहा है।






