हरेंद्र धर दुबे
गोरखपुर, 3 मई 2026:
गोरखपुर में रविवार को ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तारामंडल स्थित सहारा एस्टेट के भारत माता मंदिर से शंखध्वनि के बीच गोविष्टि यात्रा की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने गौ संरक्षण को लेकर सरकार पर तीखा बयान दिया और कहा कि अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाय को राष्ट्र माता घोषित कर दें तो वे उनके कसीदे पढ़ेंगे।
शंकराचार्य ने कहा कि पिछली बार गोरखपुर आने पर उन्होंने गुरु गोरखनाथ के दर्शन कर आदेश लिया था और अब यात्रा पूरी होने के बाद फिर मंदिर जाकर पूजा करेंगे। जिस देश को हिंदू राष्ट्र कहा जाता है, वहां गाय की रक्षा के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है, यह हालात चिंता की बात है।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल और ट्रिपल इंजन की सरकार में इंजन तो कई हैं, लेकिन आम जनता के लिए डिब्बा नहीं है। उनके मुताबिक नीतियां खास लोगों तक सीमित हैं और आम आदमी खुद को अलग-थलग महसूस कर रहा है।

शंकराचार्य ने बताया कि यह गविष्टि यात्रा 81 दिन तक चलेगी और गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा से शुरू होकर हर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचेगी। 81 दिन बाद गोरखपुर शहर विधानसभा में इसका समापन कार्यक्रम होगा। उन्होंने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का अभियान नहीं बल्कि चारों शंकराचार्यों का साझा आंदोलन है।
उन्होंने कहा कि वे किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं और पार्टियां जनता के भरोसे चलती हैं। जनता को अपने अधिकार समझने होंगे और मतदान के जरिए अपनी प्राथमिकताएं तय करनी होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि गौ रक्षा को लेकर समाज में जागरूकता जरूरी है और लोगों को भ्रम से बाहर आना होगा। यात्रा के दौरान हर विधानसभा में गोरक्षा और रामाधाम से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।
शंकराचार्य ने दावा किया कि गोरखपुर आने से पहले उन्हें धमकी भी मिली थी, लेकिन इसके बावजूद वे यात्रा पर निकले। उन्होंने कहा कि वे किसी दबाव में काम नहीं करते और अपनी बात खुलकर रखते हैं।






