गोरखपुर, 20 अप्रैल 2026:
शहर में सड़कों का ढांचा बदलने की कवायद तेज हो गई है। सीएम ग्रिड योजना के तहत गोरखपुर में स्मार्ट सड़कों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था, सुविधाएं और शहर की सूरत में बड़ा बदलाव दिखने लगा है। पहले चरण की सड़कों का काम अंतिम दौर में है, जबकि दूसरे चरण में कई अहम मार्गों पर तेजी से निर्माण चल रहा है। तीसरे चरण के लिए भी नई सड़कों को मंजूरी मिल चुकी है।
अब तक इस योजना के तहत गोरखपुर को करीब 340 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। सीएम ग्रिड के जरिए ऐसी सड़कें बनाई जा रही हैं जो मजबूत हों, जल्दी खराब न हों और बार-बार खोदने की जरूरत न पड़े। सड़क किनारे लगे पेड़ों को बचाते हुए निर्माण किया जा रहा है, जिससे हरियाली बनी रहे। साथ ही पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ और बेहतर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था भी की जा रही है।

नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के मुताबिक इस योजना की सबसे खास बात यूटिलिटी डक्ट है। आमतौर पर सड़क बनने के बाद बिजली, गैस या फोन लाइन डालने के लिए उसे फिर से खोद दिया जाता है। अब सड़कों के किनारे डक्ट बनाए जा रहे हैं, जहां से ये सभी लाइनें गुजरेंगी। इससे सड़कें सुरक्षित रहेंगी और नगर निगम को किराए के रूप में आमदनी भी होगी।
पहले चरण में राप्तीनगर की तीन सड़कों को करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट बनाया जा रहा है। इनका काम 90 फीसदी से ज्यादा पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में गोलघर और आसपास की पांच सड़कों पर 53.68 करोड़ रुपये से काम चल रहा है, जिसकी प्रगति करीब 25 फीसदी बताई जा रही है। तीसरे चरण में छह और सड़कों को स्मार्ट बनाने की तैयारी है। इनमें गणेश चौक से विश्वविद्यालय चौक, स्पोर्ट्स कॉलेज रोड से पुलिया, कचहरी चौक से बेतियाहाता तक के मार्ग शामिल हैं।
इसके साथ पूरक सूची में बेतियाहाता से अलहदादपुर, टीडीएम तिराहा से टीपीनगर, पांडेयहाता से हाबर्ट बंधा और अलहदादपुर से घंटाघर तक के रास्तों का भी कायाकल्प किया जाएगा। इन सभी प्रोजेक्ट्स के लिए 242.22 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं, फिलहाल टेंडर प्रक्रिया चल रही है।






