Uttarakhand

IIT रुड़की व यूसैक साथ आए… स्पेस टेक्नोलॉजी पर मिलकर करेंगे काम

छात्रों को अत्याधुनिक लैब में मिलेगा मौका, आपदा प्रबंधन और जलवायु बदलाव पर फोकस, पहाड़ी इलाकों की चुनौतियों के समाधान के लिए रिसर्च को जमीन से जोड़ा जाएगा

राजकिशोर तिवारी

रुड़की, 17 अप्रैल 2026:

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की ने उत्तराखंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मकसद स्पेस साइंस, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और उससे जुड़े क्षेत्रों में पढ़ाई और रिसर्च को नई दिशा देना है।

समझौते पर आईआईटी रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत और यूसैक के निदेशक दुर्गेश पंत ने हस्ताक्षर किए। इसके तहत दोनों संस्थान मिलकर अंतरिक्ष अनुप्रयोग, जियोस्पेशियल तकनीक, जलवायु बदलाव, आपदा प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में रिसर्च और पायलट प्रोजेक्ट पर काम करेंगे।

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आईआईटी के छात्रों को यूसैक की एडवांस लैब में इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट करने का मौका मिलेगा। इससे उन्हें किताबों से बाहर निकलकर काम का असली अनुभव मिलेगा और तकनीक को समझने का बेहतर अवसर मिलेगा।

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यह साझेदारी खास तौर पर उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए अहम मानी जा रही है, जहां भूस्खलन, बाढ़ और भूकंप जैसी समस्याएं अक्सर सामने आती हैं। स्पेस टेक्नोलॉजी के जरिए इन चुनौतियों से निपटने के बेहतर तरीके खोजे जाएंगे। इस मौके पर सेंटर फॉर स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रमुख संजय एच. उपाध्याय और प्रियदर्शी उपाध्याय भी मौजूद रहे।

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