लखनऊ, 14 अप्रैल 2026:
यूपी के नोएडा में हुई हिंसा को प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य के विकास और कानून-व्यवस्था को बाधित करने के उद्देश्य से कराई गई प्रतीत होती है।
मंत्री ने बताया कि हाल ही में मेरठ और नोएडा से चार संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी हुई है।उनके तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े बताए जा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में अस्थिरता फैलाने की साजिश की आशंका और भी मजबूत हो जाती है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल कर रही हैं।
अनिल राजभर ने यह भी आशंका जताई कि इस प्रकार की घटनाएं मुख्यमंत्री योगी के सोमवार को मुजफ्फरनगर में आयोजित कार्यक्रम को विफल करने के इरादे से भी कराई गई हो सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर देश विरोधी ताकतें इस तरह के षड्यंत्र रच रही हैं।
श्रम मंत्री ने प्रदेश के श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी भ्रामक सूचना या बहकावे में न आएं और शांति बनाए रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अराजकता और उग्र आंदोलन किसी भी समस्या का समाधान नहीं हैं। संवाद ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों को नोएडा भेजा गया है। वे श्रमिकों से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी पहले से ही मौके पर तैनात हैं। वे हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
अनिल राजभर ने कहा कि प्रदेश के विकास में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सरकार उनके हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। श्रमेव जयते के संकल्प को साकार करते हुए राज्य सरकार श्रमिक कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने दोहराया कि सरकार श्रमिकों की मांगों को लेकर संवेदनशील है और हर स्तर पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए तत्पर है।






