लखनऊ, 15 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा अब पहले से कहीं अधिक तेज और सुगम होने जा रही है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके लोकार्पण की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 28 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसका उद्घाटन कराने की योजना बनाई है। हालांकि इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से औपचारिक अनुमति का इंतजार है।
इससे पहले 21 अप्रैल को उद्घाटन प्रस्तावित था लेकिन प्रधानमंत्री के अन्य राज्यों के व्यस्त कार्यक्रम के कारण तारीख आगे बढ़ा दी गई। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में दो प्रमुख जोन शामिल हैं। जोन-1 में लखनऊ क्षेत्र में 18.7 किलोमीटर और जोन-2 के तहत उन्नाव क्षेत्र में 45.3 किलोमीटर का कार्य पूरा कर लिया गया है।

लखनऊ के सांसद एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस एक्सप्रेसवे को जल्द ही यातायात के लिए खोलने का संकेत दिया था। इस अत्याधुनिक एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर वाहन चालक 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे। इससे लखनऊ से कानपुर का सफर महज 45 मिनट में पूरा हो जाएगा।
दोपहिया, तीनपहिया व अन्य हल्के वाहनों को अनुमति नहीं
हालांकि तेज और सुविधाजनक सफर के लिए यात्रियों को अधिक टोल शुल्क देना होगा। सूत्रों के अनुसार एक तरफ का टोल करीब 275 रुपये और आने-जाने का कुल खर्च लगभग 415 रुपये निर्धारित किया गया है। इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया, तीनपहिया और अन्य हल्के वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी।

कानपुर-लखनऊ व उन्नाव-लालगंज हाईवे से जुड़ेगा
बेहतर कनेक्टिविटी के लिए इस एक्सप्रेसवे को कानपुर-लखनऊ और उन्नाव-लालगंज (रायबरेली) हाईवे से जोड़ा गया है। कानपुर से आने-जाने वाले यात्री जाजमऊ गंगा पुल या गंगा बैराज होते हुए आजाद मार्ग चौराहे के जरिए एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के शुरू होने से यात्रा का समय घटने के साथ औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। इससे क्षेत्रीय विकास को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।






