लखनऊ, 15 अप्रैल 2026:
प्रयागराज में माघ मेले के दौरान हुई घटना का विवाद अब और गहराता जा रहा है। यह मामला धीरे-धीरे राजनीतिक रंग लेता जा रहा है और अब सीधे सत्ता के शीर्ष तक पहुंच गया। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर पहले गंभीर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने अब यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने हजरतगंज में डीसीपी सेंट्रल को तहरीर देकर डिप्टी सीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि माघ मेले के दौरान धार्मिक गतिविधियों को प्रभावित करने की साजिश रची गई जिसमें लखनऊ से फोन कर निर्देश दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा षड्यंत्र स्वयंभू शंकराचार्य के जरिए संचालित किया गया।

ब्रह्मचारी ने कहा कि जब वे थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो वहां उनकी तहरीर लेने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने डीसीपी सेंट्रल से संपर्क किया जहां से उन्हें जांच और कार्रवाई का आश्वासन मिला। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ब्राह्मणों को बेचने का काम बंद करें और साधु-संतों का अपमान न हो।
गौरतलब है कि इस साल जनवरी में करीब 45 दिनों तक चले माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या स्नान के समय स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। 18 जनवरी को संगम नोज पर बिना अनुमति जाने, बैरियर तोड़ने और सुरक्षा व्यवस्था में हस्तक्षेप को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई से नाराज शंकराचार्य 10 दिन तक अनशन पर बैठे रहे और बाद में मेला छोड़कर चले गए।
यह विवाद यहीं नहीं थमा। इससे पहले भी उन्होंने सोशल मीडिया पर बृजेश पाठक के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। वहीं, आशुतोष ब्रह्मचारी भी कई बार विवादों में रहे हैं। उन्होंने शंकराचार्य पर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए थे और अपने ऊपर हमले की बात भी कही थी। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया है लेकिन आरोप-प्रत्यारोप के बीच सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है।






