लखनऊ, 27 मई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ अब जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में नई पहचान बनाने जा रहा है। शहर में प्रदेश का पहला अत्याधुनिक जीन बैंक स्थापित किया जाएगा। इसमें विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी दुर्लभ वनस्पतियों, बीजों और औषधीय पौधों को संरक्षित किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना गोमती बायो-डायवर्सिटी पार्क में विकसित की जाएगी है। इसके निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी निजी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों को सौंपी गई है।
इस संबंध में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और एमिटी विश्वविद्यालय के बीच औपचारिक करार किया गया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने एमओयू दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर परियोजना को हरी झंडी दे दी। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण ने सहारा ग्रुप को लीज पर दी गई 75 एकड़ ग्रीन बेल्ट भूमि वापस ली है। इसी क्षेत्र में पहले चरण में 25 एकड़ भूमि पर लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से गोमती बायो-डायवर्सिटी पार्क विकसित किया जा रहा है। पार्क का सिविल कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

एलडीए उपाध्यक्ष के अनुसार करीब दो एकड़ क्षेत्र में बनने वाला जीन बैंक आधुनिक तकनीकों से लैस होगा। इसमें दुर्लभ पौधों और बीजों की उन प्रजातियों को संरक्षित किया जाएगा जो तेजी से समाप्त हो रही हैं। विशेष रूप से औषधीय पौधों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया जाएगा। इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि जैव विविधता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगा।
यह परियोजना केवल संरक्षण तक सीमित नहीं रहेगी। यह शिक्षा और शोध का बड़ा केंद्र भी बनेगी। विश्वविद्यालय के सहयोग से इसमें फील्ड बायोलॉजिस्ट और विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे। वे छात्रों को जैव विविधता, वनस्पतियों, पक्षियों, जीव-जंतुओं और कीट-पतंगों के बारे में व्यावहारिक जानकारी देंगे।
एलडीए का मानना है कि यह पार्क भविष्य में लखनऊ के लिए ईको-टूरिज्म और शैक्षिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। इस मौके पर एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. अनिल वशिष्ठ, डॉ. शालिनी सिंह, डॉ. कोमल पाण्डेय, डॉ. बृजेश खाण्डेलवाल सहित कई अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।






