एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 15 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ की मोहनलालगंज तहसील में बुधवार को अव्यवस्था और बदहाली की तस्वीर साफ नजर आई। शनिवार को सर्वर ठप होने और उसके बाद दो दिनों के अवकाश के चलते रजिस्ट्री कार्यालय में काम का भारी दबाव एक ही दिन में आ गया। इसका नतीजा यह रहा कि सुबह से ही फरियादियों और अधिवक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी जिससे पूरे दिन अफरातफरी का माहौल बना रहा।
कार्यालय खुलते ही रजिस्ट्री कराने आए लोगों और अधिवक्ताओं के बीच नंबर लगाने को लेकर होड़ मच गई। तहसील की पहली मंजिल पर स्थित हॉल कुछ ही देर में खचाखच भर गया। सीमित जगह और उमस भरे माहौल में लोगों का हाल बेहाल हो गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिखी जिसके चलते जूनियर अधिवक्ताओं के बीच कई बार नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।

सर्वर की धीमी गति ने समस्या को और बढ़ा दिया। एक-एक रजिस्ट्री में घंटों का समय लगने से लोगों की परेशानी चरम पर पहुंच गई। दूर-दराज से आए फरियादी, खासकर महिलाएं, छोटे बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। दमघोंटू माहौल और भीषण भीड़ के चलते कई अधिवक्ता और फरियादी अस्वस्थ भी हो गए।
रजिस्ट्री कराने पहुंचे राघवेंद्र, राजेश, अखिलेश शुक्ला और आशुतोष शर्मा ने प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि करोड़ों का राजस्व देने वाली तहसील की यह हालत बेहद शर्मनाक है। उनका कहना है कि सर्वर की समस्या कोई नई नहीं है। यह महीनों से चली आ रही है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
फरियादियों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वर व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए और कार्यालय में बैठने, पेयजल व भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद काम न होना सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।






