नोएडा, 17 अप्रैल 2026:
यूपी के नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा के पीछे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गौतमबुद्धनगर (नोयडा) की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया अकाउंट्स की भूमिका सामने आई है। वे आंदोलन को भड़काने में सक्रिय थे।
पुलिस जांच के अनुसार 13 अप्रैल को शुरू हुआ श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन कुछ अवांछनीय तत्वों के कारण अचानक हिंसक हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के बाद भी अफवाहों का दौर जारी रहा। दो सोशल मीडिया हैंडल के जरिए झूठा नैरेटिव फैलाया गया। इसमें पुलिस फायरिंग में मजदूरों की मौत की गलत जानकारी वायरल की गई। इस भ्रामक प्रचार ने लौट रहे श्रमिकों को दोबारा उकसा दिया जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इन दोनों एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल के खिलाफ थाना सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान गुरुवार को एक्स से प्राप्त तकनीकी डिटेल में खुलासा हुआ कि ये दोनों अकाउंट पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे थे। इनके आईपी एड्रेस और इंटरनेट कनेक्टिविटी पाकिस्तान से जुड़े पाए गए हैं। इसके साथ ही वीपीएन के उपयोग के भी साक्ष्य मिले हैं। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।
लक्ष्मी सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों से नोएडा में स्थिति पूरी तरह शांत है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला और औद्योगिक इकाइयों में कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो गया है। अधिकांश फैक्ट्रियों में एक से तीन शिफ्टों में श्रमिक काम पर लौट चुके हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन में वृद्धि और वेज बोर्ड के गठन के फैसले से श्रमिकों में संतोष का माहौल है। इन फैसलों की जानकारी मिलने के बाद श्रमिकों ने काम पर लौटना शुरू कर दिया है। पुलिस कमिश्नर ने लोगों और श्रमिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या भड़काऊ संदेश के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।






