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प्रियंका गांधी का केंद्र सरकार पर वार… महिलाओं के नाम पर सत्ता का खेल बेनकाब

महिला आरक्षण से जुड़े बिल के पारित न होने पर कांग्रेस सांसद की तीखी प्रतिक्रिया, संघीय ढांचे को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया, कहा कि महंगाई और अंतरराष्ट्रीय दबाव पर भी सरकार घिरी

नई दिल्ली, 18 अप्रैल 2026:

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े बिल के पारित न हो पाने के बाद देश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे पर शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान की बड़ी जीत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण को जोड़कर सत्ता में बने रहने की रणनीति बना रही थी जिसे विपक्ष ने मिलकर विफल कर दिया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रियंका गांधी ने कहा कि वह बेहद खुश हैं कि लोकसभा में सीटें बढ़ाने से जुड़ा बिल गिर गया। उनके मुताबिक सत्ता पक्ष महिलाओं के नाम पर राजनीति कर खुद को मसीहा दिखाने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विपक्ष को महिला विरोधी बताकर राजनीतिक लाभ लेने की यह रणनीति सफल नहीं हो पाई।

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प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर संघीय ढांचे को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक बिल की हार नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा है। उनके अनुसार विपक्ष की एकजुटता ने यह साबित कर दिया कि सरकार की राजनीतिक चाल को समझ लिया गया था और उसे रोक दिया गया।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार महिलाओं के मुद्दे का इस्तेमाल सत्ता बचाने के लिए कर रही है। उनका दावा था कि अगर बिल पास हो जाता तो सरकार इसे अपनी उपलब्धि बताती और अगर नहीं होता तो विपक्ष को महिला विरोधी करार देती।

केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाते हुए प्रियंका गांधी ने अंतरराष्ट्रीय दबाव का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ हुए समझौतों में ऐसी शर्तें शामिल हैं जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री स्वीकार नहीं करता। महंगाई पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि गैस, फल-सब्जियों और रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का सबसे अधिक असर महिलाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक प्रचार का सहारा ले रही है।

प्रियंका गांधी ने इस दिन को केंद्र सरकार के लिए काला दिन बताया और कहा कि महिलाओं की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि 2023 में सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू किया जाए, जरूरत हो तो छोटे संशोधन कर इसे लागू किया जाए। गौरतलब है कि शुक्रवार को सरकार द्वारा लाया गया संविधान संशोधन बिल लोकसभा में 54 वोटों से गिर गया। इसने सियासी समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है।

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