लखनऊ, 20 अप्रैल 2026:
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक के गिरने के बाद यूपी की राजनीति में बयानबाजी का स्तर लगातार तीखा होता जा रहा है। भाजपा और सपा के बीच सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग अब खुले आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई है।
भाजपा ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर पोस्ट करते हुए उन्हें ‘वांटेड’ बताया। पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा गया कि उन्हें आखिरी बार टोंटी चुराते हुए देखा गया था और उन पर महिलाओं के अधिकारों के विरोध का आरोप लगाया गया।
इस पोस्ट के बाद सियासी पारा और चढ़ गया। अखिलेश यादव ने तीखा पलटवार करते हुए भाजपा नेताओं को ‘गद्दार’ तक करार दिया। उन्होंने अपने जवाब में लिखा कि भाजपा और उसके सहयोगी अपनी हार को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें डर सता रहा है कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज की एकजुटता उनके खिलाफ खड़ी हो जाएगी।

अखिलेश ने आगे कहा कि इन लोगों ने आजादी से पहले भी देश के साथ गद्दारी की और अब भी वही मानसिकता जारी है। उन्होंने भाजपा की सोशल मीडिया पोस्ट को राजनीतिक नैतिक पतन का दस्तावेज बताते हुए कहा कि यह भाषा और सोच उनके संस्कारों को दर्शाती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की वर्चस्ववादी सोच हमेशा पीडीए समाज को अपमानित करने का काम करती रही है लेकिन हर ऐसे हमले के बाद यह वर्ग और अधिक मजबूत होकर सामने आता है।
विवाद के बीच भाजपा ने भी एक और पोस्ट कर जवाबी हमला किया। पार्टी ने लिखा कि फर्क साफ है… पहले अपराधियों का बोलबाला था, अब सख्त कानून और जीरो टॉलरेंस नीति से प्रदेश की तस्वीर बदल चुकी है। महिला आरक्षण विधेयक से शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। इसमें दोनों दल खुलकर एक-दूसरे पर हमलावर हैं।






