विजय पटेल
रायबरेली, 24 अप्रैल 2026:
रायबरेली के राजाराम मौर्य ने उस उम्र में हाईस्कूल पास कर दिखाया है, जब लोग आमतौर पर मार्निंग वॉक न्यूज पेपर व टीवी का सहारा लेकर पढ़ाई से दूर हो जाते हैं। 70 साल की उम्र में उन्होंने यूपी बोर्ड की परीक्षा पाली भाषा विषय के साथ पास की है। इस परीक्षा को पास करने का उनका मकसद भी कुछ खास है।
रायबरेली में मलिकमऊ रोड पर मधुबन मोहल्ले में रहने वाले राजाराम मौर्य मूल रूप से पंजाब के मोगा के रहने वाले हैं। उनका जन्म 11 दिसंबर 1956 को हुआ था। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से ग्रेजुएशन किया और हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। कायदे से पढ़ाई-लिखाई करने के बावजूद उनके मन में एक इच्छा हमेशा बनी रही।
राजाराम मौर्य बताते हैं कि उनके पूर्वजों से जुड़ी कई ऐतिहासिक बातें पाली भाषा में लिखी गई हैं। सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक मौर्य के शिलालेखों को खुद पढ़ने की इच्छा ने उन्हें फिर से पढ़ाई की ओर लौटने के लिए मजबूर किया। इसी वजह से उन्होंने पाली भाषा को चुना और हाईस्कूल की परीक्षा दी।
राजाराम मौर्य बताते हैं कि जब उन्होंने 1974 में पहली बार हाईस्कूल पास किया था, तब परीक्षा का तरीका अलग था। उस समय वर्णनात्मक सवाल ज्यादा होते थे, इसलिए अच्छे अंक लाना आसान नहीं था। अब सिस्टम बदल चुका है और ऑब्जेक्टिव सवालों की वजह से नंबर लाना पहले के मुकाबले आसान हो गया है।
उन्होंने 5 मार्च 1981 को पंजाब नेशनल बैंक में कैशियर के तौर पर नौकरी शुरू की थी। सेवा के दौरान कई शहरों में काम किया और 31 दिसंबर 2016 को लखनऊ के गोमती नगर स्थित स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर से रिटायर हुए। पत्नी अंजू बाला के साथ मिलकर उन्होंने बच्चों को अच्छे मुकाम तक पहुंचाया। बेटी आरती मौर्य, मीनाक्षी, बीनू व डॉली शिक्षिका हैं वहीं बेटा अमित विक्रम सीनियर इंजीनियर है।






