लखनऊ, 24 अप्रैल 2026:
अवध क्षेत्र में महिला सामर्थ्य योजना ने गांवों की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। अयोध्या, सुल्तानपुर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, फतेहपुर और कानपुर नगर के 1500 से ज्यादा गांव इस पहल से जुड़ चुके हैं। यहां एक लाख से अधिक महिलाएं डेयरी से कमाई कर रही हैं। लखनऊ, उन्नाव और बाराबंकी में भी इसे तेजी से बढ़ाया जा रहा है।
योजना के तहत महिलाओं को डेयरी नेटवर्क से जोड़ा गया है। अब तक 1380 करोड़ रुपये से ज्यादा सीधे उनके खातों में भेजे जा चुके हैं। इससे कमाई का सीधा रास्ता खुला है और घर की आर्थिक हालत मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री लगातार महिलाओं की आर्थिक मजबूती पर जोर दे रहे हैं। इसी सोच के साथ इस योजना को जमीन पर उतारा गया, जहां महिलाओं को उत्पादन से लेकर भुगतान तक सीधे जोड़ा गया है।
अवध के इन जिलों में अब महिलाएं गांव की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन गई हैं। रोज करीब 4 लाख लीटर दूध का संग्रह हो रहा है। इससे साफ है कि डेयरी अब सिर्फ पारंपरिक काम नहीं, बल्कि बड़े स्तर का संगठित कारोबार बन चुका है। मार्च 2023 में यह पहल 340 गांव और करीब 8000 महिलाओं से शुरू हुई थी।
अब यह बढ़कर 1550 गांव और एक लाख से ज्यादा महिलाओं तक पहुंच चुकी है। कम समय में हुए इस विस्तार ने योजना की पकड़ को मजबूत किया है। भुगतान सीधे बैंक खातों में होने से बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है। इससे महिलाओं का भरोसा बढ़ा है और उन्हें अपनी मेहनत का पूरा पैसा मिल रहा है।
सुल्तानपुर के दूबेपुर ब्लॉक के मुकुंदपुर गांव की अनीता वर्मा इस बदलाव की मिसाल बनकर सामने आई हैं। उन्होंने दो गाय से काम शुरू किया था। अब उनका डेयरी कारोबार अच्छी रफ्तार पकड़ चुका है। पिछले साल उन्हें करीब साढ़े छह लाख रुपये का भुगतान मिला, जिससे परिवार की आमदनी में बड़ा सहारा मिला।






