एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 1 मई 2026:
उत्तरगांव स्थित अंबालिका इंस्टीट्यूट के पास हुए सड़क हादसे में घायल 12 वर्षीय अर्पित ने गुरुवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह पिछले करीब एक महीने से केजीएमसी में भर्ती था और हालत नाजुक बनी हुई थी। उसकी मौत के बाद आक्रोश भड़क उठा। लोग आरोपी ड्राइवर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
एक माह पूर्व स्कॉर्पियो और बाइक की टक्कर में अर्पित गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अर्पित के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। मां पुष्पा ही परिवार संभाल रही थी। बेटे की मौत के बाद घर में मातम पसर गया। परिवार के इन हालातों को लेकर आक्रोश पैदा हो गया।

देर शाम पोस्टमार्टम के बाद जब परिजन शव लेकर कोतवाली पहुंचे तो पुलिस ने शव उतारने से इनकार कर दिया और गांव भेज दिया। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के बाद तीन दिन तक उन्हें थाने के चक्कर लगवाए गए, उसके बाद रिपोर्ट दर्ज की गई। कोतवाली पहुंचकर लोगों ने नारेबाजी भी की।
इधर, परिवार का आरोप है कि आरोपी एक महीने से खुलेआम घूम रहा है। उनका कहना है कि पैसे लेकर पुलिस ने कार्रवाई धीमी कर दी, जिससे गिरफ्तारी नहीं हुई। गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन करीब ढाई घंटे तक कोतवाली में डटे रहे। मौके पर पहुंचे एसीपी ने भरोसा दिया कि सुबह तक आरोपी को पकड़ लिया जाएगा, इसके बाद मामला शांत हुआ। गांव में शव पहुंचने के बाद भी गुस्सा कम नहीं हुआ। लोगों ने शव रखकर मोहनलालगंज मौरावां मार्ग पर जाम लगा दिया और विरोध प्रदर्शन किया।
एसीपी विकास कुमार पांडे ने बताया कि मां पुष्पा देवी की तहरीर पर स्कॉर्पियो चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर वाहन सीज किया गया था। मामले की जांच चल रही थी। इलाज के दौरान बच्चे की मौत के बाद कुछ लोगों ने प्रदर्शन किया, जिन्हें समझाकर शांत कराया गया।






