प्रमोद कुमार
मलिहाबाद (लखनऊ), 8 मई 2026:
महाराजा मल्हिया पासी गौरव द्वार को लेकर मलिहाबाद में एक बार फिर विवाद गरमा गया। शुक्रवार को अखिल भारतीय अर्कवंशी क्षत्रिय महासंघ और ट्रस्ट के बैनर तले लोग प्रदर्शन करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शन उग्र हो गया और मोहान तिराहे पर हंगामे की स्थिति बन गई। लोग ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर द्वार लगाने की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों ने पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर और विधायक जयदेवी के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप है कि कुछ लोगों ने जातिसूचक टिप्पणियां भी कीं। इसी दौरान मोहान तिराहे के पास लगी एक होल्डिंग पर ईंट-पत्थर फेंके गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी फैल गई। हालात बिगड़ते देख मौके पर तैनात पुलिस और पीएसी ने लाठी फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

दरअसल, तहसील रोड पर लगाए गए महाराजा मल्हिया पासी स्मृति द्वार को पहले हटाया गया था। इसके बाद पासी समाज में नाराजगी बढ़ी। बाद में कौशल किशोर और विधायक जयदेवी के प्रयासों के बाद 30 अप्रैल को गौरव द्वार दोबारा स्थापित कराया गया। इसी फैसले के विरोध में अर्कवंशी महासंघ लगातार विरोध दर्ज करा रहा है।
शुक्रवार को महासंघ के अध्यक्ष ओपी सिंह अर्कवंशी की अगुवाई में कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे। संगठन ने ज्ञापन देकर मांग की कि विवादित स्मृति द्वार हटाया जाए और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर नया स्मृति द्वार बनाया जाए। ज्ञापन में दोषियों पर कार्रवाई और ऐतिहासिक महापुरुषों के नामों से छेड़छाड़ रोकने के लिए सख्त सरकारी गाइडलाइन जारी करने की भी मांग की गई। ओपी सिंह अर्कवंशी ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो संगठन प्रदेश और देश स्तर पर विरोध अभियान चलाएगा।






