लखनऊ, 10 मई 2026:
2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा संदेश देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार रविवार को आखिरकार हो गया। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में छह नए मंत्रियों को शामिल किया गया जबकि दो मौजूदा मंत्रियों को प्रमोशन देकर राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया। इस विस्तार को भाजपा की चुनावी सोशल इंजीनियरिंग और सियासी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, सपा से बगावत करने वाले विधायक एवं पूर्व मंत्री मनोज पांडेय, कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनमें भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
समारोह में सबसे पहले भूपेंद्र चौधरी ने शपथ ली जिसके बाद मनोज पांडेय ने मंत्री पद की शपथ लेकर सपा पर बड़ा राजनीतिक हमला माना जाने वाला संदेश दिया। इसके बाद अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर को प्रमोशन देते हुए राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया। वहीं कृष्णा पासवान, कैलाश राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा को राज्यमंत्री बनाया गया है।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कई दिलचस्प तस्वीरें भी देखने को मिलीं। कृष्णा पासवान राधे-राधे लिखा पटका पहनकर पहुंचीं और ग्रुप फोटो के दौरान जय-जय श्रीराम के नारे लगाए। वहीं सुरेंद्र दिलेर भगवा परिधान में नजर आए। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कई मंत्री, विधायक और भाजपा नेता मौजूद रहे।
राजनीतिक जानकार इस विस्तार को जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश मान रहे हैं। नए मंत्रियों में एक ब्राह्मण, तीन ओबीसी और दो दलित चेहरे शामिल किए गए हैं। साथ ही चर्चा है कि भूपेंद्र चौधरी को पीडब्ल्यूडी विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है। यह विभाग जितिन प्रसाद के केंद्र में मंत्री बनने के बाद से मुख्यमंत्री योगी के पास ही था।

शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजभवन पहुंचकर करीब 45 मिनट तक राज्यपाल से मुलाकात की थी और नए मंत्रियों की सूची सौंपी थी। इस विस्तार के बाद अब योगी सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। पिछला मंत्रिमंडल विस्तार मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हुआ था।












