योगेंद्र मलिक
देहरादून, 11 मई 2026:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को दून सैनिक इंस्टीट्यूट, गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित ‘ऑपरेशन सिंदूर-शौर्य, सम्मान और वीरता का एक वर्ष’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना के साहस, शौर्य व समर्पण को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध चलाया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पूरी तरह सफल रहा और यह आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्रभक्ति के लिए प्रेरित करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि जब पूरा देश सो रहा था, तब भारतीय सेनाओं ने मात्र 22 मिनट में पाकिस्तान में संचालित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की अत्याधुनिक वायु सुरक्षा प्रणाली ने दुश्मन के सभी हमलों को विफल करते हुए एक भी मिसाइल भारतीय भूमि पर नहीं गिरने दी। भारतीय सेना के पराक्रम के कारण पाकिस्तान को चार दिनों के भीतर युद्धविराम के लिए झुकना पड़ा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड का सेना से विशेष भावनात्मक संबंध है, क्योंकि प्रदेश के लगभग हर परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में सेवाएं देता है। नया भारत अब हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना जानता है। उन्होंने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि वन रैंक वन पेंशन योजना, नेशनल वॉर मेमोरियल निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि और सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने जैसे ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में पांच गुना वृद्धि की गई है। साथ ही वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के सम्मान राशि में भी बढ़ोतरी की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है और आवेदन अवधि को दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के लिए सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा और स्थायी संपत्ति खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि भारत की मातृशक्ति, संप्रभुता और नागरिक सुरक्षा के प्रति अटूट संकल्प का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि ‘सिंदूर’ भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस अभियान का नाम भी उसी भावना को दर्शाता है। कार्यक्रम में सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत, मेजर जनरल शमी सभरवाल, मेजर जनरल डी. अग्निहोत्री, मेजर जनरल पीएस राणा, ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, ब्रिगेडियर केजी बहल, सैनिक कल्याण निदेशक श्याम सिंह, मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत, वाइस एडमिरल अनुराग थपलियाल सहित कई सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे।






