बाराबंकी, 12 मई 2026:
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य नीरज कुमारी ने समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास (बालक) का निरीक्षण किया। जनेस्मा महाविद्यालय परिसर में बने इस छात्रावास में कई खामियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही।
48 छात्रों की क्षमता वाले इस आधुनिक छात्रावास में निरीक्षण के दौरान सिर्फ चार छात्र मौजूद मिले। रिकॉर्ड में 17 छात्रों का पंजीकरण दर्ज था, लेकिन बाकी 13 छात्र कहां हैं, इसका संतोषजनक जवाब छात्रावास अधीक्षिका ज्योति गंगवार नहीं दे सकीं। उपस्थिति और आवागमन रजिस्टर की जांच में भी कई अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान वाई-फाई सेवा बंद मिली। छात्रावास के कमरों में अव्यवस्था दिखी और कई जगह कपड़े सूखते मिले। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस छात्रावास में सीसीटीवी कैमरे, आरओ वाटर कूलर और मुफ्त वाई-फाई जैसी सुविधाओं का दावा किया जाता है।
नीरज कुमारी ने वहां रह रहे छात्रों से बातचीत कर भोजन, पेयजल, सुरक्षा, साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। छात्रों से मिली जानकारी के बाद उन्होंने अधिकारियों को छात्रावास का माहौल बेहतर बनाने और सभी सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अचानक हुए निरीक्षण से जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. नीलम सिंह समेत विभागीय अधिकारियों में हलचल मच गई। आयोग की सदस्य ने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को बेहतर माहौल देना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके बाद उन्होंने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में जिला समाज कल्याण अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी और अन्य विभागों के अफसरों के साथ बैठक की। बैठक में अनुसूचित जातियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ तय समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाए।






