राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 13 मई 2026:
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले ने अब देशव्यापी आक्रोश के साथ एक राजनीतिक आंदोलन का रूप ले लिया है। देश के 22 लाख छात्रों के भविष्य पर लगे पेपर लीक के खिलाफ आज उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की सड़कों पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने कलेक्ट्रेट घेराव कर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन की कमान संभाल रहे NSUI के जिलाध्यक्ष हिमांशु रावत ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए बेहद तीखे शब्दों में कहा, यह सिर्फ पेपर लीक नहीं बल्कि 22 लाख से अधिक होनहार युवाओं के सपनों का कत्ल है। देश के हजारों माता-पिता ने पेट काटकर, कर्ज लेकर अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था इस व्यवस्था ने उन्हें बदले में सिर्फ मानसिक प्रताड़ना और धांधली दी।
NSUI के छात्रों ने प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से देश के राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिकता के आधार पर तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। बार-बार विफल साबित हो रही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए और परीक्षा प्रणाली में सुधार कर पेपर लीक के असली दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए, की मांगे उठाई हैं। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।






