योगेंद्र मलिक
टिहरी गढ़वाल/देहरादून/नैनीताल, 14 मई, 2026:
प्रधानमंत्री की ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण की अपील का असर अब उत्तराखंड में साफ दिखाई देने लगा है। राज्य के अलग-अलग जिलों में अफसरों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने अंदाज में लोगों को पेट्रोल-डीजल बचाने, प्रदूषण घटाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

टिहरी गढ़वाल में हर गुरुवार को नो व्हीकल डे मनाने की पहल अब जनअभियान का रूप लेती दिख रही है। गुरुवार को जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी समेत कई अधिकारी और कर्मचारी पैदल चलकर अपने कार्यालय पहुंचे। डीएम नितिका खण्डेलवाल ने बताया कि इस पहल की शुरुआत पिछले वर्ष पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और फिट लाइफस्टाइल को बढ़ावा देने के मकसद से की गई थी। उनका कहना है कि इससे न सिर्फ प्रदूषण कम होता है, बल्कि लोगों को नियमित पैदल चलने की आदत भी पड़ती है। अब इस व्यवस्था को सभी विकासखंडों और तहसीलों में भी लागू किया गया है।
उधर नैनीताल में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने सरकारी वाहन का इस्तेमाल नहीं किया और मोटरसाइकिल से कार्यालय तथा क्षेत्र भ्रमण पर निकले। उनकी इस पहल को पुलिस महकमे के साथ आम लोगों ने भी सराहा। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि मौजूदा हालात में ईंधन की बचत हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से छोटी दूरी के लिए पैदल चलने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और कार पूलिंग को बढ़ावा देने की अपील की। उनके साथ कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी पैदल या दोपहिया वाहनों से अपने कार्यस्थलों तक पहुंचे।

देहरादून में डोईवाला विधायक बृज भूषण गैरोला ने भी मिसाल पेश की। वह एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सिटी बस से पहुंचे। बस से उतरते ही कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। गैरोला ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बचत अब राष्ट्रीय जरूरत बन चुकी है। उनके मुताबिक सार्वजनिक परिवहन के अधिक इस्तेमाल से ईंधन की बचत होगी, ट्रैफिक का दबाव घटेगा और प्रदूषण पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने लोगों से इलेक्ट्रिक वाहनों और सामूहिक परिवहन को अपनाने की अपील की।






