लखनऊ/बरेली/बदायूं, 14 मई 2026:
यूपी में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में योगी सरकार ने गुरुवार को बड़ा दांव खेला। बरेली और बदायूं में करोड़ों रुपये की पर्यटन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर सरकार ने साफ संकेत दिया कि अब आस्था स्थलों को केवल धार्मिक केंद्र नहीं बल्कि आधुनिक पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दोनों जिलों में करीब 52 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात देते हुए धार्मिक पर्यटन के जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मजबूत करने का दावा किया।
बरेली में मंत्री ने 327.56 लाख रुपये की लागत से तैयार तीन धार्मिक पर्यटन परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इनमें बिथरी चैनपुर के श्री खुराफात धाम, मीरगंज के प्राचीन शिव मंदिर और नवाबगंज के भगवान शिव मंदिर परिसर का विकास शामिल है। इन स्थलों पर घाट स्टेप, इंटरलॉकिंग मार्ग, सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक, साउंड सिस्टम, रेलिंग, बैठने की व्यवस्था और सौंदर्यीकरण जैसे आधुनिक कार्य कराए गए हैं। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इसके साथ ही बरेली में 22.53 करोड़ रुपये लागत की 14 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। इनमें लीलौर झील और ढिलवारी राम कटोरा ताल का ईको पर्यटन विकास, अहिच्छत्र का समेकित पर्यटन विकास और महाभारत कालीन द्रोपदी स्वयंवर थीम पार्क जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं प्रमुख हैं। इसके अलावा बड़ा बाग हनुमान मंदिर, त्रिवटीनाथ मंदिर, रामजानकी मंदिर, आनंद आश्रम मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर समेत कई धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास कार्य भी कराए जाएंगे।

पर्यटन मंत्री ने नाथ कॉरिडोर के तहत 60 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का निरीक्षण भी किया और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से देश का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र बन रहा है।
बदायूं में भी सरकार ने धार्मिक पर्यटन विकास की रफ्तार तेज करते हुए 410.93 लाख रुपये की चार परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इनमें गंगा देवी मईया मंदिर, दुर्गा देवी भवन मंदिर, परी माता मंदिर और माता मलाई देवी मंदिर के विकास कार्य शामिल हैं। यहां श्रद्धालुओं के लिए यात्री विश्रामगृह, एलईडी लाइटिंग, इंटरलॉकिंग और टॉयलेट ब्लॉक जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
इसके अलावा बदायूं में 22.36 करोड़ रुपये की छह नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। इनमें सहस्रबाहू तीर्थ स्थल, बाबा देवासदास मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर और कन्दरचौक स्थित श्रीराम मंदिर का विकास शामिल है। सबसे बड़ी परियोजना कछला गंगा घाट की है। इस पर करीब 17.92 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। घाट क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर इसे प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
जयवीर सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले खराब कानून व्यवस्था के कारण लोग पलायन को मजबूर थे लेकिन अब प्रदेश में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बना है। यही वजह है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और पर्यटन स्थानीय रोजगार का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है।






