विकास गोंड
वाराणसी, 15 मई 2026:
अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण-पत्र जारी न किए जाने के विरोध में अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने शुक्रवार को शास्त्री घाट पर एकजुट होकर आवाज बुलंद की। कहा कि तहसीलों में गोंड समाज के लोगों का आरोप है कि शासन द्वारा स्पष्ट आदेश जारी होने के बावजूद जिला प्रशासन स्तर पर प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
प्रदेश उपाध्यक्ष संजय कुमार गोंड ने कहा कि जब शासनादेश स्पष्ट रूप से लागू है तो फिर वाराणसी में प्रमाण-पत्र जारी करने में बाधा क्यों उत्पन्न की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल कागजी समस्या नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा विषय है, इसी को लेकर अब गोंड समाज गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता अपना रहा है।
संघ के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का कहना है कि जाति प्रमाण-पत्र न मिलने से समाज के बच्चों को शिक्षा में आरक्षण, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं में लाभ और सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिल पा रहा है। युवाओं को नौकरी और उच्च शिक्षा में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने इसे अधिकारों का हनन बताते हुए प्रशासन पर उपेक्षा और उत्पीड़न का आरोप लगाया।
उन्होंने जिला प्रशासन से शासनादेश का पालन कराते हुए तत्काल जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की मांग उठाई। इस दौरान राजकुमार गोंड एडवोकेट, जिलाध्यक्ष संध्या गोंड, जिला महामंत्री कमलेश गोंड, अशोक गोंड, भूमक गोपाल प्रसाद गोंड और अन्य लोग मौजूद रहे।
पदाधिकारियों ने कहा कि समाज का उद्देश्य केवल शासनादेश का पालन कराना और अपने संवैधानिक अधिकार प्राप्त करना है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि समाज की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान निकाला जाए, ताकि हजारों छात्रों और युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।






