लखनऊ, 16 मई 2026:
बीते दिनों पार्टी नेताओं के विवादित बयानों को लेकर भाजपा और बसपा के हमलों के बाद समाजवादी पार्टी ने डैमेज कंट्रोल की कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश मुख्यालय में कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक कर साफ संदेश दिया कि भाषा और व्यवहार में संयम रखा जाए। उन्होंने कहा कि किसी के खिलाफ ऐसी बात या आचरण नहीं होना चाहिए, जिससे किसी को ठेस लगे।
विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच अखिलेश यादव ने कहा कि उनके व्यवहार से किसी को कष्ट न हो। कार्यकर्ताओं और नेताओं की भाषा और व्यवहार किसी के खिलाफ न हो। भाजपा से सावधान रहें। भाजपा समाजवादी पार्टी को बदनाम करने की साजिश करती है। 2027 का विधानसभा चुनाव लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा होगा। समय बहुत कम है और उत्तर प्रदेश पर लोकतंत्र को बचाने की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता का दुरुपयोग करेगी, लेकिन इस बार जनता की ताकत के सामने टिक नहीं पाएगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के खिलाफ पीडीए पूरी तरह एकजुट है और यही गठजोड़ भाजपा का मजबूत विकल्प बनकर उभरेगा। उनके मुताबिक 2027 के चुनाव में भाजपा का सफाया तय है। महंगाई और अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों ने अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौजूदा हालात में महंगाई और बढ़ने की आशंका है। उन्होंने डॉ. राममनोहर लोहिया की दाम बांधो नीति का जिक्र करते हुए कहा कि इसी सोच से कीमतों पर नियंत्रण और बेलगाम मुनाफाखोरी पर रोक लगाई जा सकती है।
गौरतलब है कि हाल ही में एक सपा सांसद अजेन्द्र लोधी की प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर भाजपा ने तीखा विरोध दर्ज कराया था। वहीं एक प्रवक्ता ने ब्राम्हण समाज को लेकर टिप्पणी की थी। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज हुई थी। इसके बाद बसपा प्रमुख मायावती ने भी सपा पर निशाना साधा था। इसी बीच अब अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं को सार्वजनिक बयानबाजी में सतर्क रहने की नसीहत दी है।
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