लखनऊ, 17 मई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार में चर्चित सैलून मैनेजर रत्ना सिंह सुसाइड केस ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है। मृतका के पिता द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाने के बाद पुलिस और प्रशासन अचानक पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया। मुख्य आरोपी कारोबारी शरद सिंह के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए उसके अपार्टमेंट पर बुलडोजर चला दिया गया। अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया गया। इससे पहले उसका होटल, सैलून और तीन लग्जरी कारें भी सीज की जा चुकी हैं।

31 वर्षीय रत्ना सिंह ने 12 मई को गोमतीनगर विस्तार स्थित शालीमार विस्टा अपार्टमेंट में फांसी लगाकर जान दे दी थी। सुसाइड से पहले बनाए गए वीडियो में उसने कारोबारी शरद सिंह, उसकी पत्नी पल्लवी समेत कई लोगों पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।

रत्ना के पिता सुधीर कुमार सिंह ने गोमतीनगर विस्तार थाने में शरद सिंह, पल्लवी सिंह, मंगल यादव, वैशाली और प्रशांत शर्मा के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया था। हालांकि केस दर्ज होने के बाद भी पुलिस की धीमी कार्रवाई पर परिवार लगातार सवाल उठा रहा था। पुलिस ने शुरुआती 24 घंटे में सिर्फ एक आरोपी मंगलनाथ यादव को गिरफ्तार किया। वह शरद सिंह के होटल में काम करता था।

कार्रवाई में देरी से नाराज मृतका के पिता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इंसाफ की मांग की। इसके अगले ही दिन उन्होंने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी शरद अपने रसूख का इस्तेमाल कर बचता फिर रहा है और पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने मरने से पहले जिन लोगों का नाम लिया उन पर अब तक सख्त कार्रवाई नहीं हुई थी।
सीएम से मुलाकात के बाद पूरे मामले में शनिवार को अचानक तेजी आ गई। पुलिस ने सभी फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। उनकी गिरफ्तारी के लिए छह टीमें बनाई गई हैं। लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है।

उधर, प्रशासन ने आरोपी कारोबारी की संपत्तियों पर शिकंजा कसते हुए अवैध निर्माण ढहाना शुरू कर दिया है। बुलडोजर कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें अब न्याय की उम्मीद दिखने लगी है, जबकि पुलिस का दावा है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।






