लखनऊ, 6 मई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के बीचोंबीच बहने वाली गोमती नदी पर समता मूलक चौक से बालू अड्डा को जोड़ने वाले ब्रिज पर आवागमन कल से 15 जून तक बंद रहेगा। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वाहनों को 1090 चौराहे से घूम कर गुजरना पड़ सकता है।
सिंचाई विभाग ने ट्रैफिक पुलिस को पत्र भेजकर डायवर्जन लागू करने की मांग की है ताकि मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे। भारी मशीनरी के इस्तेमाल और निर्माण कार्य को देखते हुए आम वाहनों की आवाजाही पर रोक जरूरी बताई गई है।
मैन्युअल से हाईटेक की ओर कदम
अब तक बैराज के गेट पूरी तरह मैन्युअल सिस्टम से चलते हैं। ऑपरेटर को प्लेटफॉर्म पर चढ़कर एक-एक गेट खोलना और बंद करना पड़ता है जो न केवल समय लेने वाला है बल्कि जोखिम भरा भी लेकिन अब तस्वीर बदलने वाली है। गंगा बैराज की तर्ज पर यहां भी कंप्यूटराइज्ड कंट्रोल सिस्टम लगाया जाएगा। एक कंट्रोल रूम बनेगा जहां से सभी गेट एक क्लिक पर संचालित होंगे।
करोड़ों की परियोजना, तेज होगा काम
करीब 10 करोड़ रुपये की इस परियोजना में गेट बदलने पर ही लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सिंचाई विभाग के मुताबिक 9 में से 2 गेट लगभग बदल चुके हैं। अब 4 और गेटों को बदलने की मंजूरी मिल गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए गेट और कंप्यूटराइजेशन से गोमती नदी के जल प्रबंधन में बड़ा सुधार होगा।
बरसात के दौरान पानी का स्तर बढ़ने पर गेट तुरंत खोले जा सकेंगे जिससे शहर के निचले इलाकों में जलभराव का खतरा कम होगा। 15 जून तक ब्रिज पर ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहेगा।यह बदलाव न सिर्फ सुरक्षा बढ़ाएगा बल्कि लखनऊ के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नया हाईटेक रूप भी देगा।






