लखनऊ, 21 मई 2026:
यूपी की राजनीति में बयानबाजी का जहर अब थानों तक पहुंच गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और योगी सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर राजधानी लखनऊ में सियासी घमासान छिड़ गया है। दोनों नेताओं के खिलाफ गुरुवार को अलग-अलग थानों में तहरीर देकर केस दर्ज करने की मांग की गई है।
अमेठी में आयोजित एक जनसभा के दौरान राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को कथित तौर पर गद्दार कहे जाने के बाद विवाद भड़क उठा। इस बयान को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा ने मोर्चा खोल दिया। संगठन के प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने हजरतगंज कोतवाली पहुंचकर राहुल गांधी के खिलाफ लिखित शिकायत दी।

शिशिर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का बयान देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं और आरएसएस से जुड़े करोड़ों लोगों का अपमान है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भाषा गैरमर्यादित होने के साथ मानहानि की श्रेणी में भी आती है। उनका कहना था कि राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोग ऐसे बयान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि मंत्री ने राहुल गांधी और गांधी परिवार की कई पीढ़ियों को गद्दार कहकर अपमान किया है। इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता नितिन ने हुसैनगंज कोतवाली में तहरीर देकर केस दर्ज करने की मांग की।
शिकायत में कहा गया है कि मंत्री का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। कांग्रेस ने पुलिस को वीडियो लिंक और अन्य साक्ष्य भी सौंपे हैंभारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस तहरीर के आधार पर जांच कर रही है। इस घटनाक्रम ने यूपी की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप की आग को भड़का दिया है।






