Uttarakhand

शीतलखेत मॉडल बुझाएगा जंगलों की आग… फॉरेस्ट गार्ड के इतने पदों पर होगी भर्ती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और मानसून तैयारियों को लेकर की बैठक, प्रत्येक वन प्रभाग में पशु चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता के निर्देश, वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 22 मई 2026ः

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जंगल में फैलने वाली आग (वनाग्नि) के नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और मानसून तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए व जंगल में फैलने वाली आग की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण के लिए रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने जंगल में फैलने वाली आग के नियंत्रण के लिए ‘शीतलखेत मॉडल’ को पूरे प्रदेश में लागू करने पर जोर देते हुए फायर लाइन के आसपास छोटी तलैया बनाने और प्रभावी एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आग बुझाने वाले कर्मचारियों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने व जन-जागरूकता अभियान तेज करने को भी कहा। साथ ही कहा कि आग लगने की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।

सीएम धामी ने फॉरेस्ट गार्ड के एक हजार पदों पर नई नियुक्तियां करने के निर्देश दिए। मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रत्येक वन प्रभाग में पशु चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा। ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेयजल व बिजली व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। मानसून तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने जनपदों के प्रभारी सचिवों को अपने-अपने जिलों का स्थलीय निरीक्षण करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने और अस्पतालों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने को कहा। उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, गर्भवती महिलाओं का पूरा डाटा सुरक्षित रखने व मानसून के दौरान उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग टेस्ट में स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट न पाए जाने वाले श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके।

बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा, सचिव सचिन कुर्वे, सी. रविशंकर, रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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