Uttarakhand

दिव्यांगों व बेसहारा महिलाओं के लिए प्रशासन की पहल… देहरादून में शुरू हुई मुफ्त ईवी वाहन सेवा

डीडीआरसी से जुड़े दिव्यांग और बुजुर्ग अब इलाज, प्रमाण पत्र व दूसरे कामों के लिए बिना किराये सफर कर सकेंगे, नारी निकेतन, बाल गृह और शिशु सदन में रह रहीं महिलाओं-बच्चों को भी अस्पताल समेत जरूरी जगहों तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की गई

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 23 मई 2026:

देहरादून में दिव्यांगजनों, वृद्धों और बेसहारा महिलाओं-बच्चों की सहूलियत को लेकर जिला प्रशासन ने नई पहल की है। शनिवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) और केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन के लिए अलग-अलग निःशुल्क ईवी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि दिव्यांग और बुजुर्गों को जरूरी सुविधाएं आसानी से मिलें, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में स्थापित राज्य के पहले जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र में फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, दिव्यांग प्रमाण पत्र, कृत्रिम अंग वितरण जैसी कई सुविधाएं एक ही जगह दी जा रही हैं।

डीडीआरसी से जुड़े दिव्यांग और वृद्धजन इलाज, जांच और दूसरे कामों के लिए राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांग संस्थान, समाज कल्याण विभाग समेत अलग-अलग अस्पतालों तक आते-जाते हैं। अब तक उन्हें आने-जाने में काफी दिक्कत उठानी पड़ती थी। इसी परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने निःशुल्क ईवी वाहन सेवा शुरू की है।

केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह और शिशु सदन में इस समय 180 से ज्यादा महिलाएं, बालिकाएं और बच्चे रह रहे हैं। इनमें बेसहारा, परित्यक्त और विशेष देखभाल की जरूरत वाले बच्चे व महिलाएं शामिल हैं। नई वाहन सेवा शुरू होने से अब उन्हें अस्पताल और दूसरे जरूरी कामों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक सफर की सुविधा मिल सकेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि ईवी वाहनों के इस्तेमाल से प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। जरूरतमंद लोगों को बेहतर सुविधा देने के साथ यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम मानी जा रही है। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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