अयोध्या, 25 मई 2026:
रामनगरी अयोध्या आस्था और भक्ति का केंद्र होने के साथ पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक कला का भी बड़ा प्रतीक बनने जा रही है। राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रायबरेली हाईवे स्थित मऊशिवाला के पास 17.72 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला लव-कुश पार्क अयोध्या को एक नई पहचान देने जा रहा है। खास बात यह है कि यह पूरा पार्क ‘कचरे से कला’ थीम पर विकसित किया जाएगा, जहां स्क्रैप धातु और बेकार सामग्री से रामायण की कथाओं को जीवंत रूप दिया जाएगा।
नगर निगम द्वारा तैयार की जा रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना में भगवान राम के पुत्र लव और कुश की गाथाओं को आधुनिक तकनीक और कलात्मक शैली के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। पार्क में रामायण के कई ऐतिहासिक प्रसंग जैसे अश्वमेध यज्ञ, वनवास, राम-सीता मिलन और लव-कुश द्वारा अश्वमेध के घोड़े को रोकने की घटना विशाल धातु मूर्तियों और 3D इंस्टॉलेशन के जरिए दर्शाई जाएंगी। साउंड-लाइट शो और इंटरैक्टिव मॉडल पर्यटकों को ऐसा अनुभव देंगे मानो वे स्वयं रामायण काल का हिस्सा हों।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के अनुसार यह पार्क पर्यटन स्थल के साथ पर्यावरण जागरूकता का बड़ा संदेश भी देगा। शहर के कचरे और स्क्रैप मटेरियल को उपयोग में लाकर यह साबित किया जाएगा कि अपशिष्ट भी उपयोगी संसाधन बन सकता है। पार्क में पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री का इस्तेमाल होगा और डिजाइन में पारंपरिक भारतीय संस्कृति को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा जाएगा।
सीएम योगी की स्मार्ट सिटी सोच के तहत अयोध्या में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। राम मंदिर, हनुमान गढ़ी और कनक भवन जैसे धार्मिक स्थलों के बाद अब लव-कुश पार्क पर्यटन का नया केंद्र बनने की तैयारी में है। यहां वॉकवे, आकर्षक गार्डन, बैठने की व्यवस्था, आधुनिक रोशनी और हाईटेक सुरक्षा सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए विशेष वर्कशॉप और शैक्षिक भ्रमण भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी। कचरे से कला का यह अनोखा प्रयोग अयोध्या को धार्मिक नगरी के साथ सांस्कृतिक और पर्यावरणीय उत्कृष्टता का नया प्रतीक बनाने जा रहा है।






