Uttar Pradesh

जेवर एयरपोर्ट के लिए मेगा प्लान : 110 ई-बसें, 500 इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क, एक्सप्रेसवे मिशन पर हाई अलर्ट

15 जून से उड़ान संचालन की तैयारी तेज, 2030 तक 10 हजार चार्जिंग स्टेशन का लक्ष्य, निवेश, डिफेंस कॉरिडोर और लॉजिस्टिक हब परियोजनाओं की सीएम ने की सख्त समीक्षा

लखनऊ, 27 मई 2026:

यूपी के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के संचालन से पहले प्रदेश सरकार ने परिवहन, कनेक्टिविटी और निवेश परियोजनाओं को लेकर बड़ा एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 जून से प्रस्तावित उड़ान संचालन से पहले यात्रियों को आधुनिक और निर्बाध सार्वजनिक परिवहन सुविधा हर हाल में उपलब्ध कराई जाए।

इसके लिए शुरुआती चरण में 110 इलेक्ट्रिक बसों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र में 500 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। बुधवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की चौथी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि विकास परियोजनाओं में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विस्तार देने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में इस समय करीब 15.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। वर्ष 2030 तक 10 हजार चार्जिंग स्टेशन विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में लगभग 2500 चार्जिंग स्टेशन संचालित हो चुके हैं।

बैठक में एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति भी मुख्यमंत्री के एजेंडे में सबसे ऊपर रही। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी ही औद्योगिक निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास की असली ताकत बनेगी। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अब तक 55 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। वहीं आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जून के अंत तक भूमि अधिग्रहण पूरा करने के निर्देश दिए गए। मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट भी स्वीकृत हो चुका है और अब भूमि अधिग्रहण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने निवेश परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दो टूक कहा कि निवेशकों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना चाहिए। मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा मिल चुका है, जबकि मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के लिए 200 हेक्टेयर में से 144 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध हो गई है। सरकार इन परियोजनाओं को प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का बड़ा इंजन मान रही है।

बैठक में डिफेंस कॉरिडोर, सीड पार्क, टेक्सटाइल पार्क और एग्री एक्सपोर्ट हब जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अलीगढ़ डिफेंस नोड में आइकॉन्स हिंदुस्तान एयरोस्पेस एंड डिफेंस सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 125 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया गया है जिसे तकनीकी और भूमि आवंटन समितियों की संस्तुति मिल चुकी है। वहीं जेवर एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट हब के लिए 50 एकड़ भूमि की जरूरत बताई गई, जिसमें से 29 एकड़ भूमि चिन्हित हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा निवेश और विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए हर विभाग को मिशन मोड में काम करना होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष मॉनिटरिंग सेल बनाकर सभी बड़ी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

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