Lucknow City

सांसद आरके चौधरी ने क्या कहा जो भड़के लाखन आर्मी प्रमुख, कहा… उन्हें वोट देने का अफसोस

कसमंडी कलां के कंस पासी किला और शिव मंदिर के संरक्षण की मांग को लेकर सांसद आरके चौधरी को सौंपा ज्ञापन, पुरातात्विक सर्वेक्षण, विरासत स्थल का दर्जा और राजा कंस की प्रतिमा स्थापित करने की उठाई मांग, मुलाकात के दौरान हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो वायरल

प्रमोद कुमार

लखनऊ, 1 जून 2026:

मलिहाबाद क्षेत्र के कसमंडी कलां स्थित कंस पासी किला और शिव मंदिर को लेकर चल रहे विवाद के बीच लाखन आर्मी ने संरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। सोमवार को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने मोहनलालगंज सांसद आरके चौधरी को ज्ञापन सौंपा और ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण की मांग उठाई। इस दौरान दोनों की मुलाकात और बातें सोशल मीडिया पर छा गईं। लाखन आर्मी प्रमुख ने साफ कहा कि आज उन्हें सांसद को वोट देने का अफसोस हो रहा है।

सांसद से मुलाकात के बाद सूरज पासी मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने सांसद पर समाज के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के लिए पासी समाज ने वोट मांगे और उन्हें संसद तक पहुंचाया, वे आज राजा कंस का नाम तक नहीं ले पा रहे हैं। इस बात से समाज में निराशा और नाराजगी है।

ये भी पढ़ें:

सूरज पासी के अनुसार, बातचीत के दौरान सांसद आरके चौधरी ने मामले पर कोई ठोस आश्वासन देने के बजाय कहा कि वह इस संबंध में पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से चर्चा करेंगे। आरोप है कि चर्चा के दौरान उन्होंने पासी समाज के अन्य महापुरुषों का उल्लेख किया, लेकिन राजा कंस का नाम नहीं लिया।

इस पर दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई। सूरज पासी ने सांसद से कहा कि उन्होंने उन्हें जिताने के लिए समाज से वोट मांगे थे, लेकिन अब उन्हें अपने उस फैसले पर अफसोस हो रहा है। उनका कहना था कि जो जनप्रतिनिधि अपने समाज के महापुरुष का नाम तक नहीं ले सकता, उससे समाज की अपेक्षाएं पूरी होना मुश्किल है।

मुलाकात और बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं पासी समाज के कई कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है। ज्ञापन में कहा गया है कि राजपासी राजा कंस ने विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष करते हुए अवध की संस्कृति, धर्म और स्वाभिमान की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। संगठन का दावा है कि कसमंडी कलां स्थित किला उस इतिहास का प्रतीक है, लेकिन वर्षों से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। लाखन आर्मी ने मांग की है कि राजा कंस के इतिहास और योगदान को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में भी शामिल किया जाए ताकि नई पीढ़ी अपने ऐतिहासिक नायकों से परिचित हो सके।

READ MORE 

ये भी पढ़ें  लखनऊ में सीएम योगी से मिले एक्टर गोविंदा... कृष्ण प्रतिमा भेंट कर जताया सम्मान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button