गोरखपुर, 3 जून 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडलों की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए कहा कि किसानों की मेहनत और केंद्र व प्रदेश सरकार की किसान हितैषी नीतियों ने उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में कृषि क्षेत्र में हुए सुधारों का सकारात्मक प्रभाव किसानों के जीवन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और प्रदेश कृषि विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी पिछड़ेपन और बीमारू राज्य की पहचान रखने वाला यूपी आज कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश बन चुका है। उन्होंने बताया कि कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंची है। इसमें किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश की उपजाऊ भूमि और व्यापक सिंचाई व्यवस्था किसानों को रबी, खरीफ और जायद तीनों मौसमों में खेती करने का अवसर दे रही है। उनकी उपज को बेहतर मूल्य भी मिल रहा है।
योगी ने कहा कि वर्ष 2005 से 2014 के दौरान किसान गुणवत्तापूर्ण बीज, उचित मूल्य, सिंचाई और फसल सुरक्षा जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के साथ-साथ धरती माता के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना शुरू की। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने किसानों को नई ताकत प्रदान की है।

उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिली है और वे साहूकारों पर निर्भर होने से बचे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि 2017 में पहली कैबिनेट बैठक में किसानों की कर्ज राहत का निर्णय लिया गया था। सरकारी खरीद केंद्रों के विस्तार, फसल ऋण योजनाओं और लागत का डेढ़ गुना मूल्य सुनिश्चित करने के प्रयासों से किसानों की आय बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि बाणसागर, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना और बुंदेलखंड क्षेत्र की लंबित सिंचाई योजनाओं को पूरा कर 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। निजी नलकूपों पर मुफ्त बिजली देने के लिए सरकार हर वर्ष लगभग 3000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश खाद्यान्न, आलू, सब्जी, दूध, चीनी और एथेनॉल उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने किसानों से रसायनों के सीमित उपयोग, प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण और सहफसली खेती को अपनाने की अपील की। उनका कहना था कि निर्यात मानकों के अनुरूप कृषि उत्पाद तैयार कर किसान अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।






