लखनऊ, 6 जून 2026:
दिल्ली के होटल में भीषण आग से हुए दर्दनाक हादसे के बाद यूपी की राजधानी लखनऊ में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। शहर के होटल, गेस्ट हाउस, अस्पताल, नर्सिंग होम, मॉल और अन्य बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में अब व्यापक स्तर पर सुरक्षा मानकों की जांच कराई जाएगी। इस संबंध में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने प्रवर्तन एवं अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
एलडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि शहर में संचालित विभिन्न व्यावसायिक और अन्य भवनों के लिए प्राधिकरण द्वारा भवन मानचित्र स्वीकृत किए जाते हैं। इसके साथ अग्निशमन विभाग आग से सुरक्षा संबंधी मानकों की निगरानी और अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करता है। ऐसे में दोनों विभागों के समन्वय से सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावी जांच सुनिश्चित की जाएगी।
इसी उद्देश्य से एलडीए और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। हर प्रवर्तन जोन में एलडीए के एक अधिकारी और अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में बहुमंजिला भवनों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा एवं भवन निर्माण से जुड़े मानकों की जांच करेंगी।
एलडीए ने जांच के लिए स्पष्ट प्रारूप और मानक भी तय कर दिए हैं। निरीक्षण के दौरान टीमों को स्थल की तस्वीरों के साथ पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। एलडीए की प्रवर्तन टीम स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप निर्माण कार्य, पार्किंग व्यवस्था, सेटबैक, फ्लोर एरिया और अन्य निर्माण संबंधी बिंदुओं का सत्यापन करेगी। यदि स्वीकृत मानचित्र और वास्तविक निर्माण में अंतर पाया जाता है तो भवन स्वामी या निर्माणकर्ता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, अग्निशमन विभाग की टीम भवनों में उपलब्ध फायर फाइटिंग सिस्टम, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता तथा अन्य सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। अधिकारियों का मानना है कि हाल के अग्निकांडों से सबक लेते हुए समय रहते सुरक्षा मानकों की समीक्षा और कमियों को दूर करना बेहद आवश्यक है।
एलडीए और अग्निशमन विभाग का यह संयुक्त अभियान भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ भविष्य में संभावित अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने में भी अहम भूमिका निभाएगा। इस बैठक में मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा, सीपी त्रिपाठी सहित सभी जोनल अधिकारी मौजूद रहे।






