मुंबई, 6 जून 2026:
देश में बढ़ती आवाजाही, औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और ऊर्जा खपत में लगातार इजाफे का असर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के मई 2026 के प्रदर्शन में साफ दिखाई दिया। कंपनी ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। यह आंकड़े देश में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और ऊर्जा की मजबूत मांग को भी रेखांकित करते हैं।
मई के दौरान बीपीसीएल की पेट्रोल बिक्री 10.50 लाख मीट्रिक टन से अधिक रही। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 4.29 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी के मुताबिक निजी वाहनों का बढ़ता उपयोग, सड़क यात्राओं में वृद्धि, शहरों के साथ छोटे कस्बों में उपभोक्ता गतिविधियों की मजबूती और बढ़ती आर्थिक रफ्तार ने पेट्रोल की मांग को बढ़ावा दिया।
हाई स्पीड डीजल की बिक्री में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। मई 2026 में कंपनी ने 21 लाख मीट्रिक टन से अधिक डीजल की बिक्री की, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 6.72 प्रतिशत अधिक है। माल ढुलाई, निर्माण कार्यों, औद्योगिक उत्पादन और कृषि क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों की वजह से डीजल की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। देशभर में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की सक्रियता का भी इसका सीधा असर देखने को मिला।
घरेलू रसोई गैस की मांग में भी मजबूती बनी रही। मई 2026 के दौरान बीपीसीएल ने 3.51 करोड़ से अधिक एलपीजी रिफिल उपलब्ध कराए। इनमें 3,39,28,057 घरेलू सिलेंडर, 8,32,257 वाणिज्यिक सिलेंडर और 3,58,400 भारतगैस मिनी सिलेंडर शामिल रहे। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी एलपीजी की मांग लगातार बनी हुई है।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि मई 2026 में प्रमुख उत्पादों की बिक्री में हुई बढ़ोतरी देश में मजबूत ऊर्जा मांग का संकेत है। परिवहन, बुनियादी ढांचा, उद्योग और घरेलू उपभोग से जुड़े क्षेत्रों में गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में बीपीसीएल अपनी आपूर्ति श्रृंखला, भंडारण क्षमता और वितरण नेटवर्क को और मजबूत करने पर ध्यान दे रही है ताकि उपभोक्ताओं तक ऊर्जा उत्पादों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
पूरे महीने कंपनी ने अपने पेट्रोल पंपों, एलपीजी वितरण नेटवर्क, विमानन ईंधन केंद्रों और औद्योगिक ग्राहकों को लगातार आपूर्ति जारी रखी। इसका नतीजा यह रहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में ऊर्जा उत्पादों की उपलब्धता सुचारु बनी रही और उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा।

बीपीसीएल की रिफाइनरियां मुंबई, कोच्चि और बीना में स्थित हैं। इनकी कुल शोधन क्षमता करीब 35.3 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। देशभर में फैले इसके विपणन नेटवर्क में 23,500 से अधिक फ्यूल स्टेशन, 6,200 से ज्यादा एलपीजी वितरक, 500 से अधिक ल्यूब्रिकेंट वितरक, 80 पीओएल भंडारण स्थल, 54 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट, 79 विमानन सेवा स्टेशन, 5 ल्यूब्रिकेंट ब्लेंडिंग प्लांट और 5 क्रॉस कंट्री पाइपलाइन शामिल हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में बदलती जरूरतों को देखते हुए कंपनी वैकल्पिक और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों पर भी तेजी से काम कर रही है। देशभर में 6,500 से अधिक फ्यूल स्टेशनों पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा बीपीसीएल ने वर्ष 2040 तक स्कोप-1 और स्कोप-2 उत्सर्जन के मामले में नेट जीरो ऊर्जा कंपनी बनने का रोडमैप तैयार किया है। कंपनी का कहना है कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वह तकनीक, नवाचार और सतत विकास पर लगातार निवेश कर रही है।
कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत भी बीपीसीएल कई क्षेत्रों में सक्रिय है। कंपनी शिक्षा, जल संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास, सामुदायिक विकास, क्षमता निर्माण और कर्मचारी स्वयंसेवा से जुड़े कार्यक्रमों को समर्थन देती है। ऊर्जा सेवाओं के साथ सामाजिक विकास को जोड़ने की दिशा में भी कंपनी विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रही है।
मई 2026 के आंकड़े बताते हैं कि देश में ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है और बीपीसीएल इस मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बढ़ती खपत के साथ कंपनी का वितरण नेटवर्क और ऊर्जा ढांचा भी लगातार विस्तार की राह पर है।






